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UK-कोटद्वार उत्तराखंड रेलवे स्टेशन की साफ सफाई और पीने की व्यवस्था चुस्त दुरुस्त लेकिन टॉयलेट व बाथरूम की व्यवस्था थोड़ी खराब

उत्तराखंड के कोटद्वार जिला पौड़ी गढ़वाल रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था देखने पर चुस्त दुरुस्त नजर आई वहां की टॉयलेट बाथरूम की स्थिति थोड़ी खराब देखी गई।कोटद्वार से दिल्ली एवं कोटद्वार नजीबाबाद चलने वाली ट्रेनों में टॉयलेट की सफाई व्यवस्था चुस्त दुरुस्त देखी गई तथा विकलांग व्यक्तियों के लिए टॉयलेटों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त दिखाई दी।

वही स्टेशन पर घूमते एक दो विकलांग व्यक्तियों से पूछे जाने पर उन्होंने रेलवे व्यवस्था को चुस्त तो बताया।लेकिन रेल में विकलांग व्यक्तियों के लिए लगाए गए डिब्बों की सही जानकारी न होने के कारण विकलांग व्यक्तियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार विकलांग व्यक्ति अनेक डब्बे में प्रवेश कर जाने पर रेलवे टीटी उनको विकलांग डिब्बे में जाने के लिए बार-बार कहते पाए गए हैं। रेल में विकलांग डिब्बा कहां पर स्थित है रेलवे प्रशासन को सुविधा अनुसार बताया सूचना पट पर लिखना चाहिए कि विकलांग डिब्बा रेल में कहां स्थित है। जिससे विकलांग व्यक्ति को रेल में यात्रा करते समय कोई परेशानी का सामना न करना पड़े। वही रेलवे स्टेशन कोटद्वार की सफाई व्यवस्था के साथ-साथ टॉयलेट बाथरूम तथा पानी की व्यवस्था चुस्त दुरुस्त देखी गई है कुछ यात्रियों ने बताया कि कोटद्वार रेलवे स्टेशन सभी सुविधाओं से लैस है।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}