Report : Ankit Srivastav , ICN Network ( UP)

सटीक निर्णय और रफ्तार: विशेषज्ञों की राय
कार्यशाला में मुख्य वक्ता और डेटा एनालिटिक्स विशेषज्ञ अरविंद तिवारी ने जोर देकर कहा कि आज के दौर में AI ने डेटा विश्लेषण की परिभाषा बदल दी है। उन्होंने बताया:
सटीकता और गति: AI की मदद से भारी-भरकम डेटा सेट्स को न केवल तेजी से प्रोसेस किया जा रहा है, बल्कि मानवीय त्रुटियों (Human Errors) को खत्म कर सटीक निर्णय लिए जा रहे हैं।
प्रभावी परिणाम: बिजनेस से लेकर विज्ञान तक, हर क्षेत्र में AI आधारित डेटा एनालिटिक्स अब रीढ़ की हड्डी बन चुका है।
डेटा है भविष्य का ईंधन
विशेषज्ञ जितेंद्र सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण बात कही— “डेटा आज के युग का नया ईंधन है।” उन्होंने मशीन लर्निंग और प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स के व्यावहारिक उदाहरण देते हुए बताया कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में करियर और रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।
”बाजार की मांग के अनुसार खुद को अपडेट रखें”
विभागाध्यक्ष डॉ. लव मित्तल ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि तकनीक हर दिन बदल रही है। खुद को इंडस्ट्री के लिए तैयार करने के लिए ऐसी कार्यशालाओं में सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
कार्यक्रम की झलकियां
शुभारंभ: मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
मार्गदर्शन: प्राध्यापक दयाशंकर ने कार्यशाला की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
उपस्थिति: परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा, डीन अकादमिक प्रो. अम्बरीष शर्मा और डायरेक्टर आईक्यूएसी प्रो. राजेश उपाध्याय ने कार्यक्रम की सफलता पर बधाई दी।
संचालन व आभार: कार्यक्रम का सफल संचालन चारू गुप्ता ने किया और प्राध्यापक सत्यनारायण ने सभी का आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला के अंत में छात्रों ने विशेषज्ञों के साथ सवाल-जवाब सत्र (Q&A Session) में अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस दौरान प्रो. मनोज वार्ष्णेय, डॉ. हिमांशु शर्मा और राहुल शर्मा समेत कई गणमान्य शिक्षक उपस्थित रहे।

