Report By : ICN Network (UP News)
आए दिन खबर सुने को मिली है कि शादी के नाम पर लोगों के साथ फर्जीवाड़ा कर दिया गया है। लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। दरअसल, यूपी की तेज तर्रार महिला पुलिस अधिकारी और लेडी सिंघम के नाम से मशहूर डिप्टी एसपी श्रेष्ठा ठाकुर के साथ बड़ा खेल हो गया है। दरअसल, जिस व्यक्ति को आईआरएस अधिकारी समझकर श्रेष्ठा ठाकुर ने उससे शादी रचाई थी असल में वो एक ठग निकला। महिला अधिकारी मेट्रोमोनियल साइट के जरिए रोहित राज नाम के शख्स से मिली थी। उसने खुद को 2008 बैच का आईआरएस अधिकारी बताया था और रांची में कमिश्नर के पद पर अपनी पोस्टिंग का दावा किया था। महिला अधिकारी ने जब इसे वेरीफाई किया तो रांची में इस नाम के अधिकारी की पोस्टिंग थी। ठग ने एक जैसा नाम होने का फायदा उठाया और रांची में पोस्टेड अधिकारी के नाम का इस्तेमाल किया गया।
2018 में हुई थी शादी
बता दें कि नौकरी के 6 साल बीतने के बाद श्रेष्ठा ठाकुर ने आईआरएस अधिकारी समझकर ठग रोहित राज से शादी कर ली थी लेकिन उसकी हरकतों की वजह से श्रेष्ठा ठाकुर के सामने जल्द ही उसकी सच्चाई सामने आ गई थी। श्रेष्ठा ठाकुर को अपने पति के फर्जीवाड़े का पता चला गया जिसके बाद भी शादी को बचाए रखने के लिए वो चुप रहीं। इसके बाद आरोपी ठग रोहित राज अपनी पत्नी श्रेष्ठा ठाकुर के नाम पर लोगों को डरा धमकाकर पैसों की वसूली करने लगा जिसकी शिकायत डिप्टी एसपी श्रेष्ठा ठाकुर तक पहुंचने लगी जिसके बाद उन्होंने शादी के 2 साल बाद ही धोखेबाज पति से तलाक ले लिया था।
पुलिस ने मामले में शुरु की जांच
2012 बैच की पीसीएस अधिकारी श्रेष्ठा ठाकुर अभी शामली में तैनात हैं और कहा जाता है कि जहां भी उनकी पोस्टिंग होती है उनका पति वहां पहुंचकर अपनी अधिकारी पत्नी के नाम पर लोगों से पैसे की वसूली शुरू कर देता है। ऐसी ही शिकायत मिलने के बाद श्रेष्ठा ठाकुर गाजियाबाद के कौशांबी थाने में अपने पूर्व पति पर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी। लखनऊ में उनके द्वारा प्लॉट खरीदने के लिए महिला अधिकारी के अकाउंट से भी 15 लाख रुपए की रकम भी उनके पूर्व पति द्वारा फर्जी साइन कर निकाल ली गई थी। महिला अधिकारी श्रेष्ठा ठाकुर द्वारा इस मामले में शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

