उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग) की ओर से आयोजित सहायक अध्यापक (एलटी ग्रेड) परीक्षा रविवार को संपन्न हो गई। आगरा के 30 परीक्षा केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच परीक्षा शांतिपूर्वक कराई गई, लेकिन दोनों दिन अभ्यर्थियों की उपस्थिति उम्मीद से काफी कम रही।
रविवार को अंतिम दिन परीक्षा दो पालियों में हुई। पहली पाली में अंग्रेजी विषय की परीक्षा 20 केंद्रों पर आयोजित की गई, जिसमें पंजीकृत 8,574 अभ्यर्थियों में से 4,929 ने परीक्षा नहीं दी। केवल 3,645 उम्मीदवार ही शामिल हुए। अंग्रेजी का प्रश्नपत्र मध्यम स्तर का रहा। सामान्य ज्ञान के सवाल सरल थे, लेकिन पैसेज आधारित प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को उलझाया। अलीगढ़ से आए वीरेंद्र ने बताया कि कई स्टेटमेंट आधारित प्रश्न भ्रमित करने वाले थे।
दूसरी पाली में शारीरिक शिक्षा विषय की परीक्षा 10 केंद्रों पर कराई गई। इस विषय में कुल 4,140 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 2,405 ही परीक्षा में बैठे, जबकि 1,735 अनुपस्थित रहे। उम्मीदवारों के अनुसार यह पेपर अपेक्षाकृत कठिन रहा। मथुरा से आए मनीष ने बताया कि शारीरिक रचना और पोषण से जुड़े प्रश्न कठिन थे और नेगेटिव मार्किंग के डर से कई सवाल छोड़ने पड़े।
परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, उड़नदस्तों की तैनाती और बाहरी कक्ष निरीक्षकों की मौजूदगी रही। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों को धातु की वस्तुएं, आभूषण, घड़ी या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
एलटी ग्रेड की यह परीक्षा वर्ष 2018 के बाद आयोजित हुई। सात साल के लंबे अंतराल के बाद भी उम्मीदवारों की दिलचस्पी कम नजर आई। 17 और 18 जनवरी—दोनों ही दिनों में कई केंद्रों पर सीटें खाली रहीं। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय तक भर्ती न निकलने के कारण रुचि घटी है, अन्यथा उपस्थिति कहीं अधिक होती।