श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन का दौर अब खत्म हो चका है। पुलिस और जिला प्रशासन ने हर कदम पर पहरा लगा रखा है। बीते दो दिन कई तरह की उठापटक देखी गई। श्रमिकों की उग्र भीड़ कई कंपनियों को निशाना बनाया। कई जगहों पर तोड़फोड़ की। कई जगहों को जबरन बंद कराया। आज जब औसतन 70 प्रतिशत कर्मचारी काम पर लौटे डीएम के आदेश पर श्रमिकों को जागरूक करने के लिए कंपनियों के गेट व प्रमुख चौराहों पर नोटिस चस्पा कर दी गईं।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कई इमारतों आदि पर किए गए पथराव के बाद हुई क्षति हंगामे की भयावहता को दर्शा रही है। लोग अब इसकी चर्चा कर रहे हैं। सबकुछ सामान्य होने के बीच में पुलिस और पीएसी जवानों का पैदल मार्च जारी है। हालांकि, बुधवार को भी कुछ जगहों पर डीएम ने सभी श्रमिकों से विशेष अनुरोध किया है कि वे इन सूचनाओं का अवलोकन अवश्य करें और अपनी मांगों के संबंध में किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें। यह कदम नोएडा-ग्रेटर नोएडा में चले लंबे प्रदर्शन के बाद शांति स्थापित करने और श्रमिकों को राहत पहुंचाने की दिशा में प्रशासन का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।हालांकि, कुछ श्रमिक संगठनों ने इन बैनरों को अधूरा बताते हुए शिकायत निवारण तंत्र, कार्य घंटे और पीएफ-ईएसआई की स्पष्ट जानकारी की मांग की है।