दिल्ली पुलिस ने किया बाल लिंग निर्धारण रैकेट का खुलासा
दिल्ली पुलिस ने एक अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश किया है, जो कमजोर अभिभावकों और पुत्र इच्छुक दम्पत्तियों को लक्ष्य बनाता था। जांच में पता चला है कि यह गिरोह भ्रूण लिंग परीक्षण और उससे संबंधित अवैध गतिविधियों में संलिप्त था।
पुलिस के अनुसार, इस रैकेट ने उत्तर भारत के कई राज्यों में अपने तार फैला रखे थे। वे विशेष रूप से ऐसे परिवारों को निशाना बनाते थे जो बेटे की उम्मीद करते थे और कानून के खिलाफ जाकर अवैध तरीकों से संचालन करते थे।
इस रैकेट का संचालन एक व्यवस्थित नेटवर्क के माध्यम से होता था, जिसमें डॉक्टर, दलाल और स्थानीय एजेंट शामिल थे। गिरोह सदस्य भ्रूण लिंग परीक्षण करवाकर और गर्भपात की गैरकानूनी सुविधाएं उपलब्ध कराकर मुनाफा कमाते थे।
पिछले कुछ महीनों में, दिल्ली पुलिस ने कई छापेमारी कर इस गिरोह के महत्वपूर्ण सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से भारी मात्रा में नकदी, कागजात और मेडिकल उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
यह कार्रवाई सरकार की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इस तरह के अवैध कार्यों को रोकने के लिए जांच के दायरे को व्यापक बनाया है ताकि भविष्य में समान घटनाओं को रोका जा सके।
विशेष पुलिस अधिकारी ने बताया कि वे समुदाय के सहयोग के बिना इन अपराधों को खात्मा नहीं कर सकते। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें।
एक विशेषज्ञ का मानना है कि सामाजिक सोच और कानूनी कड़ाई दोनों मिलकर ही पुत्र वर्चस्व की मानसिकता को खत्म कर सकते हैं, जिससे इस तरह के दुष्प्रथाओं का पुनरावृत्ति रोका जा सके।
दिल्ली पुलिस की इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि देश भर में फैल रहे अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण जैसे अपराधों पर लगाम लगेगा और समानता की ओर एक बड़ा कदम उठाया जाएगा।