कभी-कभी समय पर उठाया गया कदम किसी की जिंदगी बचा सकता है। नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने इसका उदाहरण तब पेश किया जब उन्होंने गंभीर हालत में दिल्ली से लाए जा रहे जुड़वां नवजात शिशुओं को सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई हॉस्पिटल तक सुरक्षित पहुँचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया। दिल्ली नजफगढ़ स्थित सैपलिंग हॉस्पिटल से दोनों बच्चों को नोएडा लाया जा रहा था। बच्चे प्रीमैच्योर डिलीवरी से जन्मे थे। एक का वजन केवल 800 ग्राम और दोनों का करीब डेढ़ किलो वजन है।
नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने पूरी तत्परता दिखाते हुए नोएडा के बॉर्डर से अस्पताल की दूरी महज 6 किलोमीटर की दूरी को 3 मिनट 50 सेकंड में पूरा कराया। ग्रीन कॉरिडोर बनाने के दौरान करीब 40 ट्रैफिक पुलिसकर्मी रास्ते में तैनात रहे और ट्रैफिक को इस तरह नियंत्रित किया कि एम्बुलेंस बिना किसी रुकावट के सीधे अस्पताल पहुँच सके। अस्पताल पहुँचने के बाद डॉक्टरों ने बच्चों का उपचार शुरू किया और फिलहाल उनकी स्थिति सुरक्षित बताई जा रही है।
परिवार ने नोएडा ट्रैफिक पुलिस के इस प्रयास के लिए गहरा आभार जताया। उनका कहना है कि अगर पुलिस ने तुरंत सहयोग न किया होता तो शायद बच्चों की जान बचाना मुश्किल हो जाता।ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने भी कहा कि किसी भी इंसान की जान से बढ़कर कुछ नहीं होता और ऐसी परिस्थितियों में पुलिस हमेशा तैयार रहती है।


