सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि श्रमिक सुविधा केंद्र शासन, प्रशासन और उद्योगों के बीच सेतु का काम करेगा। यहां श्रमिकों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा। इसी जगह पर उनके लिए जागरूकता शिविर के अलावा स्वास्थ्य जांच आदि भी यहां आयोजित नियमित अंतराल पर की जा सकेंगीं। उद्योगों में नौकरियां मौजूद होने पर श्रमिक सुविधा केंद्र पर सूचना उद्यमी उपलब्ध करा देंगे। ऐसे में श्रमिक यहां से नौकरियाें का पता कर वहां संपर्क कर पाएंगे।
अधिकारियों का कहना है कि श्रमिक आंदोलन के दौरान श्रमिकों की आवासीय समस्या प्रमुख रूप से कारण बनी। यमुना सिटी क्षेत्र में भी कई उद्योगों में काम शुरू हो चुका है। आने वाले दिनों में इनकी संख्या और बढ़ेगी। जल्द ही छोटे भूखंड की योजना भी प्राधिकरण यहां लांच कर देगा। इनमें पुरुष और महिला श्रमिकों के लिए अलग-अलग आवासीय व्यवस्था होगी। इसके लिए पांच एकड़ जमीन परियोजना के लिए चिन्हित की जा रही है

