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दिल्ली: यमुना रिवरफ्रंट का दिखेगा नया रूप, 163 हेक्टेयर का होने जा रहा है पुनरुद्धार

ByAnkshree

Dec 14, 2025
यमुना अब सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि शहर की पहचान बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यमुना रिवरफ्रंट को नया, हरित और आकर्षक स्वरूप देने के लिए डीडीए ने बड़ा कदम उठाया है। डीडीए ने 163 हेक्टेयर क्षेत्र में रिवरफ्रंट विकास और पर्यावरणीय पुनरुद्धार के लिए 4.11 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है।    

योजना का सबसे खास आकर्षण बांसेरा पार्क में बनने वाला आधुनिक और पूरी तरह लकड़ी से निर्मित बोट हाउस होगा। डीडीए ने यमुना नदी के पश्चिमी तट पर निजामुद्दीन ब्रिज से डीएनडी फ्लाईवे तक फैले 163 हेक्टेयर इलाके में रिवरफ्रंट विकास और इको रिस्टोरेशन के लिए यह टेंडर जारी किया है। 

यह काम कालिंदी अविरल एक्सटेंशन योजना के तहत किया जाएगा, जिसका उद्देश्य यमुना को प्रदूषण और उपेक्षा की पहचान से बाहर निकालकर एक जीवंत, स्वच्छ और जनोपयोगी नदी के रूप में विकसित करना है। परियोजना की अनुमानित लागत 4,11,18,116 रुपये रखी गई है और इसे डीडीए ने विशेष श्रेणी के विकास कार्य के रूप में जारी किया है। इसके तहत नदी किनारे हरियाली बढ़ाने, पाथवे विकसित करने, खुले मनोरंजन स्थल बनाने और पर्यावरण के अनुकूल संरचनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। 

बांसेरा पार्क में बोट हाउस खास होगा : इस योजना का केंद्र बिंदु बांसेरा पार्क में बनने वाला बोट हाउस होगा, जिसे यमुना रिवरफ्रंट का भविष्य का प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है। यह बोट हाउस पूरी तरह लकड़ी से तैयार किया जाएगा और बांसेरा की मुख्य झील में स्थापित किया जाएगा। यमुना के बाढ़ क्षेत्र की इकोलॉजी को ध्यान में रखते हुए इसके निर्माण में स्टील या कंक्रीट का बिल्कुल उपयोग नहीं किया जाएगा। 

बोट हाउस का बेस और खंभे देवदार की लकड़ी से बनाए जाएंगे। सीलिंग और इंटीरियर वॉल पैनल चिनार की लकड़ी से तैयार होंगे। इस बोट को ट्रेड क्राफ्टमैन तैयार करेंगे और इसे बांसेरा के ईटिंग हाउस के पास रखा जाएगा, ताकि लोग नदी के बीच प्राकृतिक माहौल में समय बिता सकें। बोट हाउस का उपयोग आम लोग और अधिकारी दोनों कर सकेंगे। यहां मीटिंग, कॉन्फ्रेंस, बैठकों के साथ-साथ खान-पान की सुविधा भी होगी।  

26 दिसंबर तक भरे जाएंगे टेंडर : टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है, इच्छुक एजेंसियां 26 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन करेंगी। बिड 27 दिसंबर को खोली जाएगी। चयनित एजेंसी को इस पूरे काम को 180 दिन में पूरा करना होगा। डीडीए पहले ही यमुना के कई हिस्सों में हरित पट्टी, वॉकवे, जैव-विविधता पार्क और ओपन पब्लिक स्पेस विकसित कर चुका है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )