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दिल्ली में जीवन रक्षक दवा गायब; थैलेसीमिया देखभाल संकट के कगार पर

Byadmin

Apr 15, 2026
Lifesaving drug missing in Delhi; thalassemia care hits crisis point

दिल्ली में थैलेसीमिया रोगियों के लिए जीवन रक्षक दवा ‘डेस्फेरल’ की गंभीर कमी

दिल्ली के थैलेसीमिया रोगी एक महत्वपूर्ण दवा ‘डेस्फेरल’ की गंभीर कमी का सामना कर रहे हैं। यह दवा लौह अधिभार को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक है, जो उनके जीवन के लिए अनिवार्य है। स्थिति ऐसी है कि सार्वजनिक अस्पतालों में इस दवा की लगातार अनुपलब्धता के कारण मरीज निजी क्षेत्र में अत्यधिक मूल्य देकर इसे खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।

सरकार की ओर से दवा की कमी की बात न मानने के बावजूद, मरीजों की शिकायतें इसके विपरीत संकेत देती हैं। इस दवा की कमी ने थैलेसीमिया देखभाल को संकट के सम्मुख ला दिया है, जिससे रोगियों के जीवन के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।

थैलेसीमिया एक रक्त विकार है जिसमें शरीर में हीमोग्लोबिन का उत्पादन प्रभावित होता है, और बार-बार रक्त संक्रमण के कारण शरीर में बहुत अधिक लोहा जमा हो जाता है। डेस्फेरल जैसी दवाएं इस अधिभार को कम करके, रोगियों के जीवन को सुरक्षित बनाती हैं।

यह समस्या दिल्ली की स्वास्थ्य प्रणाली में महत्वपूर्ण अंतराल को दर्शाती है, जहां न केवल दवा की उपलब्धता में कमी है, बल्कि दी गई देखभाल की पहुँच भी सीमित होती जा रही है। उचित और निरंतर आपूर्ति के अभाव से इन रोगियों की स्थिति और दयनीय हो रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को तात्कालिक कदम उठाकर इस दवा की आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी। इसके अतिरिक्त, मरीजों को राहत देने के लिए सस्ते और प्रभावी विकल्प भी खोजे जाने चाहिए।

थैलेसीमिया रोगियों के परिवारों ने उच्च स्तरीय अधिकारियों से दवा की कम उपलब्धता को लेकर तुरंत कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि जीवन रक्षा संबंधी इस संकट को टाला जा सके।

कुल मिलाकर, दिल्ली में थैलेसीमिया देखभाल संकट के इस दौर से निपटने के लिए संगठित प्रयास, उचित नीतियाँ और बेहतर प्रबंधन आवश्यक हैं। रोगियों के जीवन के लिए आवश्यक दवाओं की सुनिश्चित उपलब्धता स्वास्थ्य सेवा की एक बुनियादी आवश्यकता है, जिसे दृढ़ता से लागू करने की जरूरत है।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)