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‘एक बैंड-ऐड फाड़ने जैसा’: ललित प्रभाकर और मृण्मयी गोबोले ‘तो ती आणि फूजी’ पर

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Apr 19, 2026 #crd, #liv
‘Like ripping off a Band-Aid’: Lalit Prabhakar and Mrinmayee Godbole on ‘Toh Ti Ani Fuji’

‘तो ती आणि फूजी’: एक जटिल संबंध की मार्मिक कहानी

मोहित टकलकर निर्देशित मराठी नाटक ‘‘तो ती आणि फूजी’’ ने 10 अप्रैल को सोनी LIV पर रिलीज होते ही दर्शकों का दिल जीत लिया है। इरावती कर्णिक द्वारा लिखित यह फिल्म, एक पुरुष और महिला के बीच के अतिशय संवेदनशील रिश्ते की गहराईयों को बारीकी से दर्शाती है।

फिल्म में एक नामहीन जोड़े का चित्रण किया गया है, जो एक-दूसरे से गहराई से प्रेम करते हैं और शारीरिक रूप से मेल खाते हैं, फिर भी वे अंदरूनी असुरक्षाओं और अलग-अलग उम्मीदों के चलते एक दूसरे से दूर हो जाते हैं। कई वर्षों बाद, वे जापान में फिर से मिलते हैं और अपने साझा किए गए समय का पुनर्मूल्यांकन करते हैं।

‘‘तो ती आणि फूजी’’ में ललित प्रभाकर और मृण्मयी गोबोले ने बेहतरीन अभिनय किया है। ये दोनों कलाकार पूर्व में रूमानी कॉमेडी ‘‘ची वा स क’’ (2017) में भी एक दंपति की भूमिका में नजर आ चुके हैं। ललित प्रभाकर मराठी सिनेमा के प्रमुख कलाकारों में से एक हैं, जो हाल ही में ‘‘सुपर डुपर्र’’ में नजर आए थे और आगामी फिल्म ‘‘धसाल’’ में दलित कवि नामदेव धसाल की भूमिका निभाएंगे। मृण्मयी गोबोले ने मराठी और हिंदी फिल्मों व शो में काम किया है, जिनमें ‘‘CRD’’, ‘‘झिम्मा’’ और ‘‘फर्जी’’ प्रमुख हैं।

फिल्म में दोनों कलाकारों ने बेहद जटिल भावनाओं को बड़ी निपुणता से अभिव्यक्त किया है। रोमांटिक भावनाओं से लेकर भावनात्मक आघात तक, हर दृश्य में उनकी प्रस्तुति मनमोहक और प्रभावशाली है। विशेषत: एक लगभग 13 मिनट के लंबे दृश्य में, दोनों पात्र एक-दूसरे पर भावनात्मक और शारीरिक रूप से आक्रमण करते हैं, जो दर्शकों के लिए अत्यंत संवेदनशील और सम्मोहक अनुभव है।

मोहित टकलकर न केवल सिनेमा में, बल्कि थिएटर में भी व्यापक अनुभव रखते हैं। ‘‘तो ती आणि फूजी’’ के लिए उन्होंने ऐसे माहौल का सृजन किया है जो कहानी को और अधिक जीवंत बनाता है।

फिल्म केवल एक प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि यह रिश्तों की जटिलताओं, असुरक्षाओं और मनोवैज्ञानिक तनावों की गहरी पड़ताल भी है। ‘‘तो ती आणि फूजी’’ दर्शकों को संबंधों की वास्तविकताओं का सामना करने और उनके भावनात्मक उतार-चढ़ाव को समझने की प्रेरणा देती है।

यह फिल्म मराठी सिनेमा में एक नई संवेदनशीलता और अभिनय की गुणवत्ता को स्थापित करती है, जो भावुकता और यथार्थवाद के अद्भुत मिश्रण के साथ पेश की गई है।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)