• Fri. Apr 17th, 2026

छत्तीसगढ़ ने एकसमान सिविल संहिता मसौदा तैयार करने के लिए समिति का गठन किया

Byadmin

Apr 16, 2026 #civil, #code, #uniform
Chhattisgarh forms committee to prepare draft uniform civil code

छत्तीसगढ़ सरकार ने एकसमान सिविल संहिता के मसौदे के निर्माण के लिए समिति गठित की

छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने बुधवार को राज्य के लिए एक समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का मसौदा तैयार करने हेतु एक उच्च स्तरीय समिति गठन करने का निर्णय लिया। यह कदम भाजपा शासित राज्यों में तीसरे राज्य के रूप में उठाया गया है, जो एक समान नागरिक संहिता को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

पहले ही उत्तराखंड ने जनवरी 2025 में एक सामान्य व्यक्तिगत कानून फ्रेमवर्क को लागू करना शुरू किया है, वहीं गुजरात विधानसभा ने 25 मार्च को समान नागरिक संहिता बिल पारित किया।

समान नागरिक संहिता का तात्पर्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण जैसे मामलों के लिए सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून से है। वर्तमान में, धार्मिक और आदिवासी समुदायों के व्यक्तिगत मामले उनके समुदाय-विशिष्ट कानूनों पर आधारित हैं, जो अधिकतर धार्मिक ग्रंथों से व्युत्पन्न होते हैं।

छत्तीसगढ़ की समान नागरिक संहिता पैनल की अध्यक्षता पूर्व सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। वे उन्हीं कमेटियों की अध्यक्ष रह चुकी हैं, जिनकी सिफारिशों के आधार पर उत्तराखंड और गुजरात सरकारों ने समान नागरिक संहिता के अपने बिलों का निर्माण किया।

छत्तीसगढ़ सरकार ने बुधवार को बताया कि विविध समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों को “सरल और एकीकृत” बनाने के लिए तथा संहिता को कानूनी दृष्टि से मजबूत बनाने हेतु यह समिति नागरिकों और विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित करेगी।

इस मसौदा कानून को बाद में राज्य कैबिनेट और विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जैसा कि सरकार ने स्पष्ट किया।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के अंतर्गत कल्पित समान नागरिक संहिता का लक्ष्य कानूनी एकरूपता सुनिश्चित करना, न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना है, जिससे सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी अधिकार और कर्तव्य सुनिश्चित हो सकें।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)