450 फुट ऊंचा अंबेडकर स्मारक: मुंबई परियोजना 55% पूरी, समर्पण का प्रतीक
मुंबई के दादर क्षेत्र के निकट एक भव्य स्मारक आकार ले रहा है, जो आधुनिक भारत के विख्यात न्यायविद और समाज सुधारक डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को समर्पित है। यह स्मारक सिर्फ वास्तुकला की उपलब्धि नहीं, बल्कि समानता और न्याय के आदर्शों का प्रतीक है।
इस स्मारक का केंद्र बिंदु 350 फुट ऊँची डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा है, जिसे प्रसिद्ध शिल्पकार राम सुतार के गाज़ियाबाद कार्यशाला में बनाया जा रहा है। यह प्रतिमा इस महान नेता की सामाजिक न्याय और संवैधानिक संरचना में भूमिका का साक्ष्य है। अब तक 6000 मीट्रिक टन स्टील में से 4278 टन और 107 टन कांसे सामग्री प्राप्त की जा चुकी है। प्रतिमा के अलावा 1100 वर्ग मीटर कांसे की पैनलों पर भी जटिल काम पूरा हो चुका है।
लगभग 4 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तृत इस स्मारक परिसर में 1000 सीटों वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, शोध केंद्र, सम्मेलन स्थल, पुस्तकालय, ध्यान केंद्र, और पैदल मार्ग शामिल होंगे। परिसर के सहायक भवनों की संरचनात्मक निर्माण कार्य संपन्न हो चुका है और वर्तमान में गुना कार्य प्रगति पर है।
इस परियोजना का कुल कार्य लगभग 55 प्रतिशत पूरा हो चुका है और यह न केवल मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए एक बुनियादी ढांचा है, बल्कि यह पूरे देश के नागरिकों के संघर्ष और प्रेरणा का स्मारक भी है।
डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के जन्मदिन पर, समूचा देश उनके द्वारा स्थापित सामाजिक न्याय, गरिमा और समानता के आदर्शों को पुनः स्मरण करता है। यह स्मारक केवल एक संरचना नहीं, अपितु समानता और समान अधिकारों का एक विशाल प्रतीक है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।