इससे जमीन से निकलने वाले पानी की खपत में कमी आएगी और हरित क्षेत्र को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि एसटीपी शुरू होने से आने वाले समय में शेष वार्डों को भी इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा और पूरे शहर में एक सुव्यवस्थित सीवेज प्रबंधन प्रणाली विकसित हो सकेगी।

