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कवि कुमार विश्वास ने शंकराचार्य को बताया ‘सनातन धर्म का पितामह’ !

ByIcndesk

Jan 18, 2024
Report By : Himanshu Garg (Ayodhya UP)

अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी है। देशभर में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह का माहौल है। हालांकि, राम मंदिर उद्घाटन समारोह में शंकराचार्यों ने हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है। जिसके बाद इसे लेकर विवाद शुरु होने लगा। वहीं जब कवि कुमार विश्वास से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि शंकराचार्यों पर टिप्पणी करना उनके लिए सही बात नहीं है।

दरअसल, चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम में पहुंचे कुमार विश्वास ने कहा कि ‘550 वर्षों के संघर्ष का स्वप्न दिवस आ रहा है। पूरे विश्व में भगवान के प्रति जो भी आग्रह रखते हैं, उन सभी लोगों को हार्दिक बधाई है। मेरा सौभाग्य है कि मुझे उस पुण्य क्षण में मौजूद होने का निमंत्रण मिला है। इसलिए मैं वहां जाऊंगा। मैं आप सभी को शुभकामना देता हूं कि आप सब लोग इस अवसर को भगवान राम के आदर्शों पर चलने के लिए स्वयं को प्रेरित करने का लक्ष्य बनाएं।’

वहीं दूसरी तरफ जब विश्वास से पूछा गया कि क्या शंकराचार्यों का प्राण प्रतिष्ठा में शामिल नहीं होने का फैसला सही है ?इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ‘हम तो अपने पिता के आगे नहीं बोले हैं। अगर कोई व्यक्ति ऐसा कह रहा है तो वह खुद इतने बड़े संत हैं। उन पर टिप्पणी करने का मुझे कोई अधिकार नहीं है।’

आगे विश्वास ने कहा कि ‘हम उस परंपरा में हैं, जहां हम अपने पिता की किसी बात का प्रतिकार नहीं करते, उत्तर नहीं देते और टिप्पणी नहीं करते हैं। भगवान शंकराचार्य सनातन धर्म की मर्यादा पीठ के पितामह हैं। वे स्वयं ईश्वरीय वाणी हैं. मेरे जैसे सामान्य व्यक्ति के लिए उन पर टिप्पणी करना सीमा से बाहर की बात है।’

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