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यमुना प्राधिकरण मथुरा में किसानों की सहमति से खरीदेगा ज़मीन, मुआवज़े की दरें जल्द तय होंगी

Report By : ICN Network

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) अब मथुरा जिले में किसानों की सहमति से ज़मीन खरीदने की तैयारी में है। इस पहल का उद्देश्य औद्योगिक परियोजनाओं के लिए ज़मीन जुटाना है, जिससे क्षेत्र में विकास को गति दी जा सके। खास बात यह है कि इस बार ज़मीन अधिग्रहण का तरीका पहले से अलग होगा — जबरन अधिग्रहण के बजाय किसानों की सहमति से ज़मीन ली जाएगी।

प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि जिन गांवों में ज़मीन खरीदी जानी है, वहां किसानों से बातचीत की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उनकी राय और सहमति के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, किसानों को मिलने वाले मुआवज़े की दरों पर भी विचार किया जा रहा है, जो जल्द ही तय कर दी जाएंगी।

इस प्रस्तावित अधिग्रहण के लिए जिन गांवों को चुना गया है, उनमें मथुरा जिले के सीमावर्ती इलाके शामिल हैं, जो यमुना एक्सप्रेसवे के पास स्थित हैं। यहां पर औद्योगिक, संस्थागत और आवासीय विकास की योजना बनाई जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि किसानों को इस योजना के तहत उनकी ज़मीन का उचित मूल्य मिलेगा और सभी लेनदेन पारदर्शी तरीके से होंगे। प्राधिकरण का प्रयास है कि इस भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से न केवल औद्योगिक विकास हो, बल्कि किसानों का आर्थिक सशक्तिकरण भी सुनिश्चित किया जा सके।

इसके साथ ही, YEIDA ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई किसान अपनी भूमि देना नहीं चाहता, तो उस पर कोई दबाव नहीं डाला जाएगा। योजना पूरी तरह स्वैच्छिक होगी और किसानों की सहमति को प्राथमिकता दी जाएगी।

इस नई नीति से उम्मीद की जा रही है कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवादों में कमी आएगी और मथुरा क्षेत्र में औद्योगिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)