सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उम्मीद जगी है कि आवारा कुत्तों से निजात मिलेगी, लेकिन सोमवार को पहली बार कुत्तों के काटने के सबसे अधिक मामले दर्ज हुए।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 24 घंटे में कुत्तो के काटने के बाद अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचकर 1069 लोगों ने एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई है। इनमें 352 लोगों ने एआरवी की पहली डोज लगवाई है। शेष ने दूसरी और तीसरी डोज लगवाई है।
सबसे अधिक जिला एमएमजी अस्पताल में 295 में से 128 ने पहली डोज लगवाई है। इनमें 30 बच्चे शामिल हैं। सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि इमरजेंसी में घायल पांच लोगों को एआरवी के साथ एंटी रेबीज सीरम भी लगाया गया है।
संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल में 226 के सापेक्ष 55 लोगों ने पहली डोज लगवाई है। इनमें 27 बच्चे शामिल हैं। लोनी, मुरादनगर, मोदीनगर ,डासना और भोजपुर में भी कुत्तों के काटने पर लोगों ने एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई है।सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि 53 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में से 16 केंद्रों पर भी एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जाती है। विभाग की ओर से यह वैक्सीन निश्शुल्क लगाई जाती है। एंटी रेबीज सीरम भी निश्शुल्क लगाई जाती है।
कहां कितने लोग पहुंचे एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने?अस्पताल एआरवी लगवाने पहुंचे लोगजिला एमएमजी अस्पताल-
295जिला संयुक्त अस्पताल- 226सीएचसी मुरादनगर- 132प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोजपुर- 72सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डासना- 65सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोदीनगर-
4650 बेडेड संयुक्त अस्पताल लोनी-
30नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र- 203
साढ़े तीन साल में 2.84 लाख लोगों ने लगवाई एआरवी
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साढ़े तीन साल में 2.84 लाख लोगों ने कुत्ते, बिल्ली और बंदर के काटने पर अस्पतालों में पहुंचकर एआरवी लगवाई है। इनमें सबसे अधिक शहरी क्षेत्रों के लोग शामिल है