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आगरा में अधिवक्ता और उनकी पत्नी पर पुलिस का कथित अत्याचार, नवजात बच्ची के साथ भी क्रूरता

आगरा में अधिवक्ता और उनकी पत्नी पर पुलिस का कथित अत्याचारआगरा में अधिवक्ता और उनकी पत्नी पर पुलिस का कथित अत्याचार
Agra News: फतेहाबाद तहसील, आगरा में एक अधिवक्ता कुलदीप राजपूत और उनकी पत्नी श्रीमती कविता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अधिवक्ता ने पुलिस कमिश्नर, आगरा को सौंपे गए अपने प्रार्थनापत्र में दावा किया है कि थाना डौकी के पुलिसकर्मियों ने उनके घर में घुसकर उन पर और उनकी पत्नी पर लाठी-डंडों से हमला किया, उनकी नवजात बेटी के साथ क्रूरता की और उनके घर को अवैध रूप से सीज कर दिया।

प्रार्थनापत्र के अनुसार, कुलदीप राजपूत का एक सिविल वाद (संख्या-168/2025, कुलदीप राजपूत बनाम प्रणव जे. नायर आदि) न्यायालय सिविल जज अपर श्रेणी, फतेहाबाद, आगरा में लंबित है। इस मामले में डीसीपी पुलिस पूर्वी जोन, आगरा और तत्कालीन थानाध्यक्ष डौकी को कोर्ट की अवमानना के आरोप में 10 सितंबर 2025 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया गया था। दोनों अधिकारी उस दिन कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए।

कुलदीप का आरोप है कि इस कार्यवाही से नाराज होकर 11 सितंबर 2025 को शाम करीब 6:30 बजे थानाध्यक्ष डौकी, एसआई देवेंद्र सिंह, एसआई जय कुमार वर्मा और 20-25 अन्य लोग, जिनमें कुछ पुलिस वर्दी में और कुछ सादे कपड़ों में थे, उनके घर में जबरन घुस आए। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने सीसीटीवी कैमरों के तार काटे, दरवाजों की जाली तोड़ी और घर में प्रवेश कर अधिवक्ता और उनकी पत्नी को गालियां देते हुए लात-घूंसे और लाठी-डंडों से पीटा। एक सिपाही ने कुलदीप पर बंदूक तानी और दूसरे ने बंदूक की बट से उनके कंधे पर चोट पहुंचाई।

जब श्रीमती कविता अपने पति को बचाने आईं, तो पुलिस ने उनकी पिटाई भी की। इस दौरान उनकी 8 माह की नवजात बेटी गोद से छिटककर गिर गई, लेकिन पुलिस ने कोई रहम नहीं दिखाया। आरोप है कि पुलिस ने दोनों को अर्धनग्न अवस्था में घसीटकर घर से बाहर निकाला और गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद, सीसीटीवी का डीवीआर जब्त कर लिया गया और घर में तोड़फोड़ की गई।

थाना डौकी ले जाए जाने पर रात 2:00 बजे तक प्रार्थी और उनकी पत्नी के साथ थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया। थानाध्यक्ष ने कथित तौर पर कुलदीप के मुंह पर थूककर धमकी दी कि अगर उन्होंने कोई कार्यवाही की, तो उन्हें “एनकाउंटर” में मार दिया जाएगा और उनकी पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म करवाया जाएगा। बाद में भीड़ जमा होने के कारण उन्हें रात में छोड़ दिया गया।

घर पहुंचने पर कुलदीप ने पाया कि उनका घर सिविल जज के स्टे आदेश के बावजूद सीज कर दिया गया है। प्रार्थी ने थाना डौकी पर मुकदमा दर्ज होने की संभावना से इनकार करते हुए पुलिस कमिश्नर से प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच किसी अन्य थाने को सौंपने की मांग की है।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)