डीएम ने सभी से समन्वय स्थापित कर वेटलैंड के संरक्षण के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने डीएम को यहां मिलने वाली सुविधाओं से भी अवगत कराया। निरीक्षण के दौरान प्रभागीय वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल, वन विभाग के अन्य अधिकारी एवं स्थानीय पर्यावरण कर्मी भी मौजूद रहे।
पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों और उनकी आव्रजन प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। डीएम ने कहा कि सूरजपुर वेटलैंड केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं बल्कि जैव विविधता और पारिस्थितिकी संतुलन का महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसे एक आदर्श ईको-टूरिज्म मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। इससे पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन दोनों को प्रोत्साहन मिलेगा।
स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और पर्यावरणीय संतुलन बनाने के निर्देश
डीएम ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वेटलैंड क्षेत्र में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि यहां आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाए ताकि लोग प्रकृति के करीब आकर इस स्थान की महत्ता को समझ सकें। वेटलैंड में जनजागरूकता अभियान चलाकर स्थानीय लोगों को भी संरक्षण कार्यों से जोड़ा जाए।

