ग्रेटर नोएडा के सेक्टर स्वर्णनगरी निवासी वंशिका अरोड़ा ने 24 अगस्त 2024 को अमेजॉन से 26,990 रुपये में एक लैपटॉप ऑर्डर किया था। इसी दौरान उन्होंने दो शेक की बोतलें भी मंगाई थीं। कंपनी द्वारा तीन से चार दिनों में डिलीवरी का आश्वासन दिया गया था। दो दिन बाद डिलीवरी कर्मचारी ने डोरबेल बजाकर पार्सल गेट पर रख दिया। जब शिकायतकर्ता ने पार्सल खोला तो पाया कि एक ही पैकेट में लैपटॉप और दो शेक की बोतलें रखी गई थीं। बोतलें खुल जाने के कारण पूरा शेक लैपटॉप और उसके डिब्बे में फैल गया, जिससे लैपटॉप पूरी तरह खराब हो गया।
शिकायतकर्ता ने तुरंत अमेजन में इसकी शिकायत दर्ज कराई। कंपनी ने दो दिनों के भीतर पिकअप कर रिफंड का आश्वासन दिया। 27 अगस्त 2024 को कर्मचारी आया और केवल शेक की बोतलें बदलकर चला गया, लेकिन खराब लैपटॉप को न तो वापस लिया गया और न ही उसका रिफंड किया गया। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ।
परेशान होकर शिकायतकर्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के अवलोकन के बाद आयोग ने माना कि दोनों उत्पादों को एक ही पार्सल में भेजना और तरल पदार्थ के कारण लैपटॉप का खराब होना सेवा में गंभीर कमी है। आयोग ने अमेजॉन डेवेलपमेंट और उत्पादक कंपनी क्लिकटेक रिटेल प्राइवेट लिमिटेड को संयुक्त रूप से 30 दिनों के भीतर लैपटॉप की कीमत 26,990 रुपये पर 6 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने का आदेश दिया। इसके अलावा 2 हजार रुपये वाद व्यय और 2,000 रुपये मानसिक संताप के लिए भी देने होंगे।

