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उतराखंड: ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशन कॉन्फ्रेंस का किया उद्घाटन

ByAnkshree

Dec 14, 2025

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 47वें अखिल भारतीय जनसंपर्क सम्मेलन-2025 में हिस्सा लिया। साथ ही सम्मेलन स्थल पर लगाई गई फोटो प्रदर्शनी का दौरा भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशन कॉन्फ्रेंस–2025 में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया और फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ-साथ स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों के स्टॉलों का निरीक्षण कर उन्हें प्रोत्साहित किया। यह तीन दिवसीय सम्मेलन, जो 13 से 15 दिसंबर तक चलेगा। देशभर के जनसंपर्क और कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स को एक मंच पर ला रहा है।

पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित यह सम्मेलन “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” की थीम पर केंद्रित है। सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री धामी ने किया और इसमें रूस से आए प्रतिनिधियों की भागीदारी ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया है। तीन दिनों के दौरान, उत्तराखंड की 25 वर्ष की विकास यात्रा, मीडिया और जनसंपर्क की भूमिका, तकनीक, जीएसटी, एआई, साइबर क्राइम, मिसइन्फॉर्मेशन और अंतरराष्ट्रीय जनसंपर्क जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने जनसंपर्क विशेषज्ञों, प्रतिनिधियों और युवा प्रतिभाओं का स्वागत करते हुए कहा कि इस वर्ष की थीम “पीआर विजन फॉर–2047” विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के डिजिटल युग में, पब्लिक रिलेशन केवल सूचना संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण और प्रभावी अंग बन चुका है।

सीएम धामी ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में, जहां एक ओर सूचना की प्रचुरता है, वहीं दूसरी ओर गलत सूचना की चुनौती भी गंभीर है। ऐसे में सरकार और जनता के बीच सही, समयबद्ध और भरोसेमंद संवाद स्थापित करना जनसंपर्क की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे प्राकृतिक आपदाओं एवं सामरिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य में संवाद केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि विश्वास की बुनियाद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन, सुशासन, धार्मिक एवं पर्यटन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भविष्य की पीआर प्रणाली को तेज, तकनीकी रूप से सक्षम और जनभावनाओं के प्रति संवेदनशील बनाना होगा, ताकि सरकार और जनता के बीच आदेश का नहीं बल्कि साझेदारी और विश्वास का संबंध स्थापित हो सके।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )