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दिल्ली हाई कोर्ट ने ‘इमरजेंसी हालात’ में एयर प्यूरीफायर पर टैक्स छूट न मिलने पर नाराजगी जताई 

ByAnkshree

Dec 25, 2025
दिल्ली हाई कोर्ट ने ‘इमरजेंसी हालात’ में एयर प्यूरीफायर पर टैक्स छूट न मिलने पर नाराजगी जताई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘बहुत खराब’ है, तो इस “इमरजेंसी हालात” में अधिकारी एयर प्यूरीफायर पर टैक्स में छूट देने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में खराब होती वायु गुणवत्ता को देखते हुए जीएसटी काउंसिल को निर्देश दिया है कि वह जल्द से जल्द बैठक कर एयर प्यूरीफायर पर लगने वाले जीएसटी को कम या पूरी तरह खत्म करने पर विचार करे।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की बेंच ने एक जनहित याचिका (पीआईएल) की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 26 दिसंबर तय की है, ताकि अधिकारियों के वकील काउंसिल की बैठक कब हो सकती है, इसकी जानकारी दे सकें।

कोर्ट ने पहले ही दिन सरकार पर नाराजगी जताई थी कि इमरजेंसी स्थिति में जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ””बहुत खराब”” श्रेणी में है, तब भी एयर प्यूरीफायर पर टैक्स छूट देने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा।

बेंच ने कहा कि अगर नागरिकों को साफ हवा नहीं दे सकते, तो कम से कम एयर प्यूरीफायर पर जीएसटी कम करें। वर्तमान में एयर प्यूरीफायर पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है। याचिका में इसे मेडिकल डिवाइस मानकर जीएसटी को 5 प्रतिशत स्लैब में लाने की मांग की गई है।

वकील कपिल मदान की दाखिल याचिका में कहा गया है कि दिल्ली में गंभीर प्रदूषण की अत्यधिक इमरजेंसी संकट स्थिति में एयर प्यूरीफायर को लग्जरी आइटम नहीं माना जा सकता। साफ इनडोर हवा स्वास्थ्य और जीवित रहने के लिए आवश्यक हो गई है। याचिका में तर्क दिया गया कि एयर प्यूरीफायर पर सबसे ऊंची स्लैब में जीएसटी लगाना इसे आर्थिक रूप से बड़ी आबादी के लिए पहुंच से बाहर कर देता है, जो मनमाना और असंवैधानिक है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )