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दिल्ली: यहां हर माह मिलती हैं तीन लाशें इस साल मिल चुके 35 शव

दिल्ली पुलिस की आंकड़ों के मुताबिक हैदरपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से इस साल जनवरी से लेकर 15 दिसंबर तक 35 लाशें मिल चुकी है। लाशें मिलने के दौरान अकसर उनके पास से कोई पहचान पत्र नहीं मिलता है।

राजधानी में आए दिन वारदातें होती हैं, जहां पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर आरोपियों की गिरफ्तारी करती है। वहीं दिल्ली एक इलाका ऐसा भी है, जहां हर महीने तीन लाशें मिलती हैं और पुलिस को इन मामलों को सुलझाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ती है। यह इलाका है केएन काटजू मार्ग के हैदरपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जहां हर महीने पुलिस को तीन लाशें मिलती हैं।

इस साल मिल चुकीं 35 लाशें
दिल्ली पुलिस की आंकड़ों के मुताबिक हैदरपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से इस साल जनवरी से लेकर 15 दिसंबर तक 35 लाशें मिल चुकी है। लाशें मिलने के दौरान अकसर उनके पास से कोई पहचान पत्र नहीं मिलता है। मामले की जांच के लिए मृतक की पहचान होना अहम है। पहचान के लिए पुलिस मशक्कत करती है और फिर उनका पोस्टमार्टम करवाती है। उसके बाद ही मौत के कारणों का खुलासा होने के बाद इस बाबत मामला दर्ज करती है। आंकड़े बताते हैं कि इस साल मिली 35 लाशों में से 20 की ही पहचान हो पाई है। पहचान होने या नहीं होने की स्थिति में पुलिस सभी शवों का पोस्टमार्टम कराती है। इनके रिपोर्ट आने के बाद ही इस बाबत मामला दर्ज करती है। 15 लाशों की अभी भी पहचान होना बाकी है। अभी तक पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है।

इस साल हुई मौत को लेकर सामने नहीं आई कोई संदिग्ध बात
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि पोस्टमार्टम के जरिए नहर में डूबकर हुई मौत के मामले में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है। वहीं किसी भी मामले के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के साथ किसी तरह से बल प्रयोग करने की बात सामने आने पर पुलिस इस बाबत मामला दर्ज करती है। इस साल किसी भी मौत को लेकर कोई संदिग्ध बात सामने नहीं आई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कई मामलों में बिसरा रिपोर्ट आने का इंतजार है। बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस इस मामले में कार्रवाई करेगी।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )