मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नियमों को लचीला बनाने और सहूलियत देने को तैयार है, ताकि लोग ईवी खरीदने और साझा परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित हों। बैठक में परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, टाटा मोटर्स, महिंद्रा, मारुति सुजुकी, टोयोटा, होंडा जैसी वाहन कंपनियों और ओला, ऊबर, रैपिडो जैसी एग्रीगेटर कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद थे। सोलर चार्जिंग और बैटरी वेस्ट पर भी मंथन
वाहन कंपनियों ने कहा कि ईवी को पूरी तरह अपनाने के लिए मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और जनहितैषी ईवी नीति जरूरी है। उन्होंने चार्जिंग स्टेशन लगाने और नेटवर्क विस्तार के लिए कुछ राहत की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चार्जिंग स्टेशन के लिए जमीन देने को तैयार है, लेकिन कंपनियों को सोलर एनर्जी के जरिए चार्जिंग की संभावनाएं भी तलाशनी होंगी। उन्होंने साफ कहा कि बैटरी वेस्ट का निपटान भी कंपनियों की जिम्मेदारी होगी, ताकि प्रदूषण का नया खतरा न खड़ा हो। एक महीने के भीतर शेयर टैक्सी
बैठक में शेयर टैक्सी पर सहमति बनी। कंपनियों ने कहा कि वे एक माह के भीतर शेयर टैक्सी और महिला ड्राइवर वाली टैक्सियां शुरू कर देंगी। उन्होंने निजी ईवी और बीएस-6 वाहनों को टैक्सी के रूप में अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने की भी इच्छा जताई, जिसके लिए नियमों में बदलाव जरूरी बताया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि यह बदलाव जल्द किए जाएंगे, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।

