दशकों से मुंबई की राजनीति और शहरी विकास बहस का हिस्सा रहा धारावी अब नगर निगम चुनावों में भी एक प्रमुख मुद्दा बनकर उभरा है। हाल के वर्षों में धारावी के मतदान रुझान विपक्षी दलों के पक्ष में रहे हैं, ऐसे में रीडेवलपमेंट को लेकर की गई घोषणाओं को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।
यह परियोजना नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा राज्य सरकार और वैधानिक संस्थाओं के सहयोग से लागू की जाएगी। अधिकारियों ने यह साफ किया है कि परियोजना के तहत जमीन किसी निजी कॉर्पोरेट को हस्तांतरित नहीं की गई है। मालिकाना हक अंततः धारावी के निवासियों के पास ही रहेगा, जिससे इसे सहभागी विकास मॉडल के रूप में पेश किया जा रहा है।
रीडेवलपमेंट के अंतर्गत बनने वाली आवासीय इमारतों में आधुनिक सुविधाएं, हरित क्षेत्र और मनोरंजन के लिए समर्पित स्थान शामिल होंगे। पात्र निवासियों—जो 1 जनवरी 2000 से पहले बने ढांचों में रह रहे हैं—को धारावी में ही पुनर्वासित किया जाएगा। पुनर्वास फ्लैट्स का आकार 350 वर्ग फुट तय किया गया है, जो पहले की योजनाओं की तुलना में बड़ा है।
धारावी की आर्थिक पहचान को भी इस परियोजना में सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है। कुम्हार बस्तियों, चमड़ा उद्योग, और छोटे खाद्य उत्पादन जैसे पारंपरिक व्यवसायों को उसी क्षेत्र में स्थानांतरित करने की योजना है। इन इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए पांच वर्षों तक टैक्स में छूट देने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
मानक पुनर्वास मानदंडों में फिट न बैठने वाले निवासियों को लेकर भी सरकार ने आश्वासन दिया है कि उन्हें भी आवासीय सुविधा दी जाएगी। इसका उद्देश्य मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शहर में नई झुग्गी बस्तियों के विस्तार को रोकना बताया गया है।
चुनावी माहौल के बीच धारावी रीडेवलपमेंट को एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के साथ-साथ सामाजिक स्थिरता की पहल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। बेहतर आवास, रोजगार की निरंतरता और समावेशी पुनर्वास के वादों के साथ इस परियोजना को ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है, जिस पर चुनाव के बाद सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

