बीएमसी चुनावों, गठबंधन, प्रचार रणनीति और टिकट बंटवारे को लेकर वर्षा गायकवाड़ ने एक इंटरव्यू में खुलकर अपनी बात रखी।
कांग्रेस के प्रचार को लेकर उठ रहे सवालों पर वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि पार्टी का अभियान बिल्कुल भी कमजोर नहीं है, बल्कि रणनीतिक रूप से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा और शिंदे गुट की तरह बेहिसाब पैसा खर्च नहीं कर रही। “उनके पास भ्रष्टाचार का पैसा है, हमारे पास ईमानदारी का,”—इसी सोच के साथ प्रचार किया जा रहा है।
स्टार प्रचारकों को लेकर उन्होंने बताया कि कम समय के कारण सभी को बुला पाना संभव नहीं है, लेकिन लगातार संपर्क किया जा रहा है।
बड़ी सभाओं और पदयात्राओं के सवाल पर गायकवाड़ ने कहा कि इस बार कांग्रेस ने अलग रास्ता चुना है। पार्टी छोटे-छोटे जनसंवाद कार्यक्रमों पर फोकस कर रही है, ताकि कार्यकर्ता सीधे मतदाताओं से मिल सकें, उन्हें कांग्रेस की नीतियां समझा सकें और सत्ताधारी दलों के झूठ को उजागर कर सकें।
टिकट बंटवारे पर सफाई
टिकट वितरण में भाई-भतीजावाद के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज किया। गायकवाड़ के मुताबिक, उम्मीदवारों का चयन इंटरव्यू और समिति की सिफारिशों के आधार पर हुआ है। उन्होंने कहा कि योग्य और ज़मीनी नेताओं को ही टिकट दिए गए हैं और इस प्रक्रिया में किसी तरह का दबाव नहीं था।
उद्धव ठाकरे गुट के साथ गठबंधन न होने पर उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले ही उस ओर से ‘एकला चलो’ का संदेश दिया गया था। बाद में मनसे से गठजोड़ होने के कारण कांग्रेस के लिए वहां संभावनाएं खत्म हो गईं।
वंचित बहुजन अघाड़ी के साथ गठबंधन को उन्होंने वैचारिक बताया और कहा कि दोनों दल संविधान की रक्षा की लड़ाई में साथ हैं।
वर्षा गायकवाड़ ने बताया कि कांग्रेस ने 150 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं और तीन सीटों पर समर्थन दिया है। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस इस बार पहले से ज्यादा सीटें जीतेगी और मेयर बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
मुंबई कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक धारणा है। सभी नेता और कार्यकर्ता मैदान में सक्रिय हैं और चुनाव नतीजे खुद इसका जवाब देंगे।

