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दिल्ली में इंटरस्टेट साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, 8 गिरफ्तार; ₹15 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा

दिल्ली पुलिस ने चीन से संचालित एक इंटरस्टेट साइबर क्राइम सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए दिल्ली-NCR सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक जांच में करीब ₹15 करोड़ के संदिग्ध फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन सामने आए हैं।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह चीन में बैठे ऑपरेटर्स द्वारा सोशल मीडिया चैनलों के जरिए रिमोटली संचालित किया जा रहा था। इन प्लेटफॉर्म्स पर बैंकिंग क्रेडेंशियल साझा किए जाते थे और OTP को बायपास करने के लिए खतरनाक APK फाइलों का इस्तेमाल होता था। ठगी की रकम को म्यूल अकाउंट्स के जरिए इधर-उधर घुमाया जाता था।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹4.70 लाख नकद, 14 मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड और 7 डेबिट कार्ड बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इसी नेटवर्क के माध्यम से बड़े पैमाने पर साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा था।

मामले का खुलासा तमिलनाडु की एक महिला की शिकायत के बाद हुआ, जिसने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर बताया था कि सितंबर में उसके बैंक खाते से ₹6,000 की धोखाधड़ी हुई। जांच के दौरान ईस्ट दिल्ली की एक निजी बैंक शाखा में मौजूद बेनिफिशियरी अकाउंट का विश्लेषण किया गया, जो गाजियाबाद के एक म्यूल अकाउंट से जुड़ा मिला।

इसके बाद पांडव नगर थाने में FIR दर्ज की गई। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी एक संगठित साइबर क्राइम मॉड्यूल का हिस्सा हैं। अलग-अलग बैंकों में कम से कम 85 म्यूल अकाउंट ट्रेस किए गए हैं, जिनसे जुड़ी 600 से अधिक शिकायतें NCRP पर दर्ज पाई गई हैं।

दिल्ली पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट, इंटरनेट बैंकिंग लॉग और IP एड्रेस का गहन विश्लेषण कर दिल्ली, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, रामपुर और महाराष्ट्र से आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने और साइबर फ्रॉड से आई रकम निकालने में मदद करते थे, जिसे बाद में क्रिप्टोकरेंसी—खासतौर पर USDT—में बदला जाता था। फिलहाल पीड़ितों की पहचान, धनराशि के ट्रेल और विदेशी हैंडलर्स तक पहुंचने के लिए जांच जारी है।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)