सीएम ने बताया कि चंद्रावल संयंत्र से करीब 92 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में जल आपूर्ति होगी, जो दिल्ली के कुल क्षेत्रफल का करीब 6.20 फीसदी है। इससे मॉडल टाउन, सदर बाजार, चांदनी चौक, मटिया महल, बल्लीमारान, करोल बाग, पटेल नगर, राजेंद्र नगर और आरके पुरम जैसे घनी आबादी वाले इलाकों को लाभ मिलेगा। यह परियोजना दिल्ली की करीब 11 फीसदी आबादी की पानी की जरूरतें पूरी करेगी। इससे जल आपूर्ति की गुणवत्ता सुधरेगी और खासकर गर्मियों के दौरान लोगों तक ज्यादा साफ पानी पहुंचेगा। बदली जाएंगी पुरानी पाइप लाइनें
सरकार ने जल वितरण व्यवस्था को सुधारने के लिए 1331 करोड़ रुपये की लागत से पानी की सप्लाई करने वाली पुरानी पाइप लाइनों को बदलने का भी फैसला किया है। नौ विधानसभा क्षेत्रों में वेस्ट, ईस्ट और सेंट्रल चंद्रावल नाम से तीन वितरण परियोजनाएं बनाई गई हैं, जिनमें से दो को हाल ही में अवार्ड किया गया है। इन परियोजनाओं के तहत करोल बाग, सिविल लाइंस, कमला नगर, मलकागंज, शादीपुर, पटेल नगर, शास्त्री नगर, नारायणा, जखीरा, न्यू राजेंद्र नगर, हिंदूराव, ईदगाह, झंडेवालान, रिज रोड, रामलीला ग्राउंड और सुभाष पार्क जैसे इलाकों में नई पाइप लाइनें डाली जाएंगी। इसके साथ ही अंडरग्राउंड रिजर्वायर को मजबूत किया जाएगा, मीटर लगाए जाएंगे, पानी के दूषित होने से रोकने के उपाय होंगे और शिकायत समाधान केंद्र खोले जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि इन इलाकों में नॉन-रेवेन्यू वाटर को तीन साल के भीतर 30-45 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी से नीचे लाया जाए। नई पाइप लाइनों के रखरखाव के लिए 12 साल का अलग समझौता भी किया जाएगा।

