दिल्ली के जनकपुरी में जल बोर्ड के गड्ढे में गिरकर जान गंवाने वाले कमल चंदानी (25 वर्ष) के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के भाई ने कहा, उसका भाई एचडीएफसी बैंक की रोहिणी ब्रांच में असिस्टेंट मैनेजर था। हादसे के बाद पर्दे लगाए गए, पहले केवल पीछे वाला पर्दा लगा हुआ था। भाई ने आगे कहा, जब मैंने आखिरी बार कमल से बात की थी तो बोला था कि वह 10 मिनट में घर पहुंच जाएगा। जब उसने उसे रात 12:30 बजे दोबारा फोन किया, तो उसने फोन नहीं उठाया। युवक ने कहा कि, इसके बाद हम परेशान हो गए, फिर हमने उसकी तलाश शुरू की। मैं पहले रोहिणी स्थित उसके कार्यालय गया, फिर जनकपुरी पुलिस स्टेशन गया।
मृतक के भाई ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने हमको इस इलाके में उसकी आखिरी लोकेशन बताई, लेकिन उसे ढूंढने में मदद नहीं की। हम उसे ढूंढते रहे, लेकिन वह नहीं मिला। यह घोर लापरवाही है। मेरा भाई पागल नहीं था कि वह जानबूझकर गड्ढे में गाड़ी गिरा दे। रात 1:30 बजे मैंने गड्ढे में जाकर देखा, लेकिन वह उस समय वहां नहीं था। हमने कम से कम छह पुलिस स्टेशनों का पर गए, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। सुबह जब मैंने दोबारा अपने भाई के फोन नंबर पर कॉल किया, तो पुलिस ने फोन उठाया और हमें बताया कि उसका शव गड्ढे से बरामद कर लिया गया है। अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, तो मेरा भाई आज जीवित होता।
कमल गुरुवार की रात करीब 10 बजे ऑफिस से घर लौट रहा था। गड्ढे में गिरने के कारण जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिवार पूरी रात थानों के चक्कर लगाता रहा। परिवार ने जल बोर्ड की लापरवाही की आशंका जताई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस घटना ने नोएडा में इंजीनियर युवराज के साथ हुई घटना की दर्दनाक यादें ताजा कर दी हैं।