सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि काश्तकारों की समस्या का समाधान करने के लिए योजना बनाई गई है। इसमें ग्रामवार योजना बनाकर भूखंडों के विवाद खत्म किए जाएंगे। वहीं, जहां भूखंड की संख्या काश्तकारों की संख्या से कम है। ऐसे काश्तकारों की सूची तैयार कर बोर्ड से अनुमति लेकर नजदीक के विकसित सेक्टर में उन्हें भूखंड दिए जाने का प्रयास किया जाएगा। एसीईओ राजेश कुमार से ऐसे आवंटन की भी अलग से सूची बनाने के लिए कहा गया है जिन भूखंड की जमीन पर कोई विवाद नहीं है। यहां विकास कराते हुए कब्जा दिलाने का काम पहले किया जाएगा। इसके बाद विवादित भूखंड के प्रकरणों का निस्तारण प्राधिकरण करेगा।
प्राधिकरण की योजना है कि सभी 103 गांवों इसी तरह काश्तकारों के आबादी भूखंड नियोजित कराए जाएं। पहले चरण में शामिल 29 गांव में लंबित भूखंड काश्तकारों को दिए जाने हैं। अभी 6263 काश्तकारों को आरक्षण पत्र निर्गत कर दिए गए हैं। इनमें से 4246 भूखंड नियोजित हो गए हैं। अभी 2017 भूखंड नियोजित होने बाकी हैं। नियोजित भूखंड के भी विकास कार्य प्राधिकरण तेज करा रहा है।

