जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर के व्यहार से आक्रोशित सीपीआई(एम) के संयुक्त डेलिगेशन जिसमें राज्यसभा के दो सांसद शामिल है डीएम के सेक्टर 27 स्थित कैंप कार्यालय के गेट पर तपती जमीन पर ही धरने पर बैठ गए हैं। इनका आरोप है कि उनका डेलिगेशन 13 अप्रैल को नोएडा में हुए मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन की हकीकत जानने के लिए आया था, लेकिन जिलाधिकारी ने उनसे मुलाकात नहीं कि। उन्हें इस आफिस से उस आफिस मे इधर-उधर भटकाया गया। डीएम ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे नेताओं से जॉइंट कमिश्नर पुलिस राजीव नारायण मिश्र वार्ता कर रहे हैं।
सीपीआई (एम) के राज्यसभा सांसद डाक्टर वी शिवदासन ने बताया कि 13 अप्रैल को गौतम बुद्ध नगर में हुए मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन की हकीकत जानने के लिए कम्युनिस्ट पार्टी की एक संयुक्त डेलिगेशन शुक्रवार को नोएडा पहुंचा था। इसकी सूचना पहले से ही जिला प्रशासन को दी गई थी। उन्होंने बताया कि सुबह 10:45 पर उनका डेलिगेशन चिल्ला बॉर्डर पर पहुंच गया। वहां पर से उन्हें पुलिस लाइन ले जाया गया। कहा गया कि दम वहां पर उनसे मुलाकात करेंगी। वहां पर वे लोग 11:45 तक जिलाधिकारी का इंतजार करते रहे। लेकिन वह नहीं आई। उन्होंने बताया कि 12:50 पर उन्हें बताया गया कि जिलाधिकारी सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट में मिलेगी। वे लोग वहां पहुंचे। उनके अनुसार वे 1:10 तक वहा पर रहे। उन्हे बताया गया कि जिलाधिकारी उन्हें सेक्टर 27 स्थित कैंप कार्यालय पर मिलेंगी। उनके अनुसार जिलाधिकारी कार्यालय ग्रेटर नोएडा से कैंप कार्यालय के लिए वे लोग निकले। उनके अनुसार 3:35 पर जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय पर जब वे पहुंचे तो वहां पर कोई नहीं मिला। 4:30 बजे जब उप जिलाधिकारी वेद प्रकाश पांडे सेक्टर स्थित कैंप कार्यालय पर डेलिगेशन से बात करने पहुंचे तो, डेलिगेशन के लोगों ने कहा कि हमे डीम से बात करनी है। जब उनसे कहा गया कि डीएम व्यस्त है तो ये लोग डीएम के व्यवहार से आक्रोशित हो गये तथा डीएम कैंप कार्यालय पर ही धरने पर बैठ गए। डेलिगेशन में वी शिवदासन राज्यसभा सांसद, ए ए रहीम राज्यसभा सांसद, पोलित ब्यूरो मेंबर आर अरुण कुमार, जनरल सेक्रेटरी एमए बेबी, दिल्ली के स्टेट सेक्रेटरी अनुराग सक्सैना, लोकसभा सांसद अमरा राम आदि नोएडा आए थे। खबर लिखे जाने तक ये लोग डीएम कैंप कार्यालय पर धरने पर बैठे हैं। इनसे बात करने के लिए अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्रा पहुंचे। उन्होंने इनसे बात की लेकिन यह लोग डीएम को मौके पर बुलाने पर अड़े हुए हैं। उनकी मांग है कि उनके साथ दिल्ली से आए कुछ सदस्यों को हिरासत में ले लिया है। उन्हें तुरंत छोड़ा जाए।