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अश्वगंधा की पत्तियों पर बैन लगाने का बड़ा कारण इसकी सेफ्टी से जुड़ा है. रिसर्च में पाया गया कि पत्तियों में ‘विथफेरिन-ए’ जैसे कुछ तत्व ज्यादा मात्रा में होते हैं, जो शरीर के लिए जहरीले (Toxic) साबित हो सकते हैं. इनका सेवन करने से लीवर पर बुरा असर पड़ता है. इससे पेट की बीमारियां होने और नसों से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा बना रहता है. पत्तियों के सेवन से थायराइड का लेवल भी बिगड़ सकता है. इस तरह की चिंता को ध्यान में रखकर यूरोपीय कंट्री पोलैंड और हंगरी ने भी पत्तियों के सेवन पर रोक लगा रखी है. मार्केट में अश्वगंधा के सप्लीमेंट की मांग तेजी से बढ़ी है. ऐसे में कई कंपनियां प्रॉफिट कमाने के चक्कर में जड़ों के साथ पत्तियों को भी पीसकर मिला रही हैं. इसका मतलब यह हुआ कि अश्वगंधा के ये सप्लीमेंट फायदे के बजाय नुकसान पहुंचा रहे हैं. अश्वगंधा की पत्तियां जड़ों के मुकाबले 100 गुना सस्ती होती हैं. ऐसे में कंपनियों की कॉस्टिंग काफी कम हो जाती है. सरकार की तरफ से सख्त आदेश दिया गया है कि निर्माताओं को पैकेट पर यह साफ-साफ लिखना होगा कि उन्होंने पौधे के किस हिस्से का इस्तेमाल किया है. नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की जाएगी.

