बॉम्बे उच्च न्यायालय ने मालेगांव बम धमाका मामले में आरोपों को रखा खारिज
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने 2006 के मालेगांव बम धमाके मामले में चार आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के विशेष न्यायालय के आदेश को रद्द कर दिया है, जिससे उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही प्रभावी रूप से समाप्त हो गई है।
डिविजन बेंच ने आरोपितों द्वारा दायर अपीलों को स्वीकार करते हुए कहा कि मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोप तय करना कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं था। इस निर्णय के साथ, उक्त चार आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला बंद हो गया है।
यह मामला 8 सितंबर 2006 के मालेगांव, महाराष्ट्र में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों से जुड़ा है, जिसमें 31 लोगों की जान गई थी और 300 से अधिक घायल हुए थे। इस मामले की जांच वर्षों से कई एजेंसियों द्वारा की गई, जिनमें एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) शामिल हैं, और यह मामला ट्रायल चरण तक पहुंचा।
हाल का यह फैसला उस मामले में महत्वपूर्ण प्रगति है जो लगभग दो दशकों से न्यायिक जांच के दायरे में था।
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