पत्रकारों का कहना है कि ये मुकदमे पूरी तरह से फर्जी और दबाव बनाने की नीयत से दर्ज कराए गए हैं। मामले को लेकर दोनों पत्रकारों ने अपनी पीड़ा उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री (होमगार्ड) धर्मवीर प्रजापति के समक्ष रखी। इस पर मंत्री ने गंभीरता दिखाते हुए एसएसपी इटावा को निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने स्पष्ट कहा कि, “किसी भी पत्रकार का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि मुकदमे फर्जी पाए जाते हैं तो उन्हें तत्काल समाप्त किया जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो।”
इस घटना के बाद जिले के पत्रकारों में आक्रोश देखा जा रहा है। पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच कर न्याय नहीं दिया गया, तो आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल, यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।


