इसमें से कॉमर्शियल गतिविधि बंद करने वाले उद्योगों के लिए बनी कमेटी को भंग करने। यूनिफाइड रेगुलेशन नीति में बदलाव करके नियमों के अनुरूप व्यवस्था लागू करने। फेज-1,2 और 3 में भूखंड निर्माण में लगने वाले सशुल्क, किराया अनुमति शुल्क आवंटित औद्योगिक भूखंड को छोड़कर केवल किराये पर दिए गए एरिया तक सीमित करने। पीएफ व ईएसआईसी श्रमिकों के वेतन से न काटकर उसे पूर्व की भांति करने की बात कही गई है। साथ ही सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाएं बढ़ाने से लेकर अन्य मांगों को रखा गया है।
नोएडा: श्रमिकों से जुड़ी तीन मांगों और 15 उद्यमियों की समस्याओं को करेंगे पेश
इसमें से कॉमर्शियल गतिविधि बंद करने वाले उद्योगों के लिए बनी कमेटी को भंग करने। यूनिफाइड रेगुलेशन नीति में बदलाव करके नियमों के अनुरूप व्यवस्था लागू करने। फेज-1,2 और 3 में भूखंड निर्माण में लगने वाले सशुल्क, किराया अनुमति शुल्क आवंटित औद्योगिक भूखंड को छोड़कर केवल किराये पर दिए गए एरिया तक सीमित करने। पीएफ व ईएसआईसी श्रमिकों के वेतन से न काटकर उसे पूर्व की भांति करने की बात कही गई है। साथ ही सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाएं बढ़ाने से लेकर अन्य मांगों को रखा गया है।

