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बंगाल में चुनावी ड्यूटी पर नियुक्त कर्मियों की याचिकाओं को सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज किया, ट्रिब्यूनल जाने के निर्देश

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Apr 24, 2026 #source, #west bengal
Supreme Court refuses to entertain pleas of those on election duty in Bengal, asks them to move tribunal

बंगाल में चुनावी ड्यूटी पर नियुक्त कर्मियों की याचिकाओं को सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज किया

सर्वोच्च न्यायालय ने बंगाल में चुनावी ड्यूटी पर नियोजित कर्मियों की याचिकाओं को सुनवाई से इनकार करते हुए उन्हें अपील ट्रिब्यूनलों का रुख करने को कहा है। इन ट्रिब्यूनलों का गठन मतदाता सूची से नाम हटाने या बहिष्कृत किए जाने के खिलाफ अपीलों का निस्तारण करने के लिए किया गया है।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि चुनावी ड्यूटी पर तैनात कर्मी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उचित कानूनी मंचों का इस्तेमाल करें। इस प्रकार, सर्वोच्च न्यायालय ने सीधे तौर पर याचिकाओं पर फैसला देने के बजाय कानूनी प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया है।

यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चुनावी ड्यूटी में तैनात व्यक्ति अपनी वैधानिक अधिकारों और मतदाता सूची में नामांकन की स्थिरता सुनिश्चित करना चाहते थे। इस संदर्भ में, ट्रिब्यूनल उनकी याचिकाओं का स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से निरीक्षण करेगा।

पृष्ठभूमि में देखें तो चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में शामिल या हटाए जाने वाले नामों के संबंध में विवादों के निस्तारण के लिए विशेष अपीलीय ट्रिब्यूनल का गठन किया है। यह कदम मतदाता सूची की विश्वसनीयता और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए आवश्यक माना जाता है।

न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि न्यायिक प्रक्रियाओं का सम्मान करते हुए सभी पक्षों को उचित कानूनी उपाय अपनाने चाहिए, जिससे संवैधानिक दायित्वों का निर्वाह हो सके। इस फैसले से चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और अधिकारियों के अधिकारों की सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है।

इस प्रकार, सर्वोच्च न्यायालय ने चुनावी ड्यूटी पर नियुक्त कर्मियों को यह सुनिश्चित करने का मार्ग प्रदान किया है कि वे अपनी आपत्तियों और समस्याओं को संबंधित अपीलीय ट्रिब्यूनल में प्रस्तुत करें, जहाँ निष्पक्ष न्याय की गुंजाइश होगी।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)