• Wed. Apr 29th, 2026

ग्रेटर नोएडा: तेज तापमान से बढ़ रहा चिड़चिड़ापन और मानसिक असंतुलन

भीषण गर्मी का असर अब केवल शारीरिक बीमारियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका गहरा प्रभाव लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है। लगातार बढ़ते तापमान के चलते उल्टी, दस्त, बुखार, थकान और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं के साथ-साथ मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और बेचैनी के मामलों में भी तेजी से वृद्धि देखी जा रही है।

मनोचिकित्सकों के अनुसार, जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे अस्पतालों में मानसिक समस्याओं से जूझ रहे मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में गर्मी के कारण अवसाद से ग्रस्त मरीजों की संख्या में वृद्धि देखने को मिल रही हैं। उनका कहना है कि अत्यधिक गर्मी का सीधा असर दिमाग के रसायनों पर पड़ता है, जिससे उनका संतुलन बिगड़ जाता है और मानसिक अस्थिरता की स्थिति पैदा हो सकती है।
जिम्स के मनोरोग विभाग में प्रोफेसर डॉ. लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक भारती का कहना है कि गर्मी के दौरान नींद की कमी, शरीर में पानी की कमी और लगातार असहजता मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। इसके कारण लोगों में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, थकान, तनाव और गुस्से जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।

गर्मी से करें बचाव : डॉ. अभिषेक का कहना है कि गर्मी के मौसम में अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित और हल्का आहार लेना, धूप में कम से कम निकलना और शरीर को ठंडा रखने के उपाय अपनाना जरूरी है। इसके अलावा, नियमित दिनचर्या बनाए रखना और पर्याप्त नींद लेना मानसिक संतुलन बनाए रखने में मददगार साबित होता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार चिड़चिड़ापन, घबराहट, बेचैनी या मानसिक अस्थिरता महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते विशेषज्ञ से परामर्श लेने से स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )