बंगाल में बीजेपी की जीत के अगले दिन संप्रदायिक तनाव और विवादित घटनाएं
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ऐतिहासिक जीत के बाद मंगलवार को कई जगहों पर संप्रदायिक उत्पीड़न और तोड़फोड़ की घटनाओं की रिपोर्ट मिली।
रविवार को घोषित परिणामों में बीजेपी ने 294 सीटों में से 207 सीटों पर जीत हासिल कर ममता बनर्जी नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस को हराया और राज्य में उनके 15 वर्षों के शासन का अंत किया।
मंगलवार सुबह उत्तर 24 परगना के बरोसात में मुईना क्षेत्र की मस्जिद बाड़ी रोड के नाम वाले गेट पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कब्जा किया और वहां से नामपट्टिका हटा कर उसे ‘नेताजी पैली रोड’ के बोर्ड से बदल दिया। यह जानकारी इंडिया टुडे ने दी।
बीजेपी नेता नितीश मंडल ने बताया कि यह सड़क का नाम बदलने की पार्टी की पुरानी मांग थी। उन्होंने कहा, “हमने पिछले 10-15 वर्षों से इस बदलाव के लिए प्रयास किए, लेकिन सफल नहीं हो पाए।” मंडल ने यह भी दावा किया कि इस इलाके की लगभग 15,000 की आबादी में मुसलमानों की संख्या केवल 500 से 1,000 के बीच है, जिसके कारण स्थानीय लोग स्वाभाविक रूप से नाम परिवर्तन में शामिल हुए।
एक अन्य घटना में, उत्तर 24 परगना के बोंगाँव स्थित एक मंदिर के करीब बिरयानी की दुकान के कर्मचारियों से कहीं और स्थानांतरित होने को कहा गया। यह जानकारी अल्ट न्यूज़ ने साझा की। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में बीजेपी झंडा लिए व्यक्ति की आवाज़ भी सुनी गई।
यह घटनाक्रम राज्य में राजनीतिक बदलाव के तुरंत बाद सामाजिक-सांप्रदायिक तनाव की आशंका को गति देता है। सही तथ्यात्मक पुष्टि और समान रूप से सभी पक्षों की स्थिति को समझे बिना किसी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं होगा। भारतीय लोकतंत्र में सभी नागरिकों के अधिकार एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।
राज्य में राजनीतिक बदलाव के बाद संप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी समुदायों के नेताओं और नागरिकों से संयम बरतने की अपील की गई है।