शिमला नर्सिंग कॉलेज में 19 छात्राओं को टीबी संक्रमण, एनएचआरसी ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
नई दिल्ली। शिमला के एक नर्सिंग कॉलेज में 19 छात्राओं के टीबी से प्रभावित होने की खबर ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को सक्रिय कर दिया है। आयोग ने इस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मीडिया रिपोर्ट के बाद एनएचआरसी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है जिसमें दो सप्ताह के भीतर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। इस रिपोर्ट में कॉलेज के हॉस्टल में पाए गए गंभीर साफ-सफाई और प्रबंधन संबंधी कमियों की जानकारी शामिल होनी चाहिए।
हाल ही में संस्थान में हुई दो निरीक्षण यात्राओं में हॉस्टल के भारी भंडारण, सीलन और अस्वच्छता की समस्या सामने आई है। इन वजहों से छात्राओं में टीबी संक्रमण फैला, जो स्वास्थ्य और मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला है। एनएचआरसी ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए पर्यवेक्षण और नियमानुसार सुधार की मांग की है।
इसके अलावा, भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे हैं जिसमें पोषण की कमी छात्राओं को प्रभावित कर रही है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि बीमार छात्राओं को आराम नहीं दिया जाता और वे अस्पताल के कार्यों में बाध्य होती हैं।
एनएचआरसी के बयान अनुसार, यदि यह तथ्य सत्यापित हुए, तो यह न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं में असफलता बल्कि मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन होगा। आयोग ने इस बावत हिमाचल प्रदेश सरकार को कार्रवाई के लिए सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया है।
यह मामला शिक्षा और स्वास्थ्य प्रशासन के समन्वय में सुधार की आवश्यकता की ओर इशारा करता है ताकि छात्राओं को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। आयोग की रिपोर्ट मांग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।