₹8 करोड़ के वर्क फ्रॉम होम साइबर धोखाधड़ी रैकेट में पुलिस ने पकड़ा गिरोह
आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर एक बड़े साइबर धोखाधड़ी गिरोह ने वर्क फ्रॉम होम के झांसे में आकर नागरिकों से ₹8 करोड़ से अधिक की ठगी की। पुलिस ने इस मामले में 14 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह सोशल मीडिया और नौकरी संबंधित वेबसाइटों के माध्यम से लोगों को वर्क फ्रॉम होम रोजगार का झांसा देता था। इसके बाद वे विभिन्न तरीकों से धनराशि की मांग करते और धोखाधड़ी करते थे। इस रैकेट की गहराई और तकनीक उतनी ही जटिल थी जितनी की डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विश्वास का स्तर।
गिरफ़्त हुए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, संतुष्टि प्रमाण पत्र और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह गिरोह देश के कई राज्यों में सक्रिय था और लाखों से अधिक लोगों को ठग चुकाया था।
यह मामला कोविड-19 महामारी के दौरान वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था के बढ़ते चलन के बीच सामने आया है, जब अधिकतर लोग सुरक्षित रहने के लिए घर से काम करना पसंद कर रहे थे। अपराधियों ने इसी अवसर का फायदा उठाकर लोगों को धोखा दिया।
पुलिस ने आम जनता को सचेत करते हुए कहा है कि हमेशा विश्वसनीय स्रोतों से ही नौकरी संबंधित सूचना प्राप्त करें और संदिग्ध लिंक या ऑफर को नजरअंदाज करें। साथ ही, किसी भी प्रकार के अग्रिम भुगतान से पहले गहराई से जांच करें।
यह गिरफ्तारी साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है और पुलिस आगे भी ऐसे अपराधों पर कड़ी नजर रखेगी। यह मामले डिजिटल सुरक्षा के महत्व को दोहराते हैं और तकनीकी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हैं।