विरार में नारींजी फ्लाईओवर का उद्घाटन, यातायात समस्याओं में मिलने वाली उम्मीद
विरार में वर्षों की प्रतीक्षा के बाद शुक्रवार को नारींजी फ्लाईओवर का औपचारिक उद्घाटन किया गया, जिससे वहां के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। इस फ्लाईओवर का उद्घाटन पालघर गार्डियन मंत्री गणेश नायक द्वारा किया गया।
यह परियोजना विरार ईस्ट और वेस्ट के बीच ट्रैफिक जाम को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जो वसई-विरार क्षेत्र की तेजी से बढ़ती आबादी और वाहन आवागमन के कारण एक लंबे समय से जटिल समस्या बन चुकी थी। वर्तमान में उपलब्ध परिवहन व्यवस्था इस बढ़ती मांग को पूरा करने में असमर्थ हो रही थी।
सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने लगभग छह से सात साल पहले रेलवे क्रॉसिंग नंबर 41 के पास नारींजी में इस फ्लाईओवर की योजना बनाई थी ताकि पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी में सुधार हो सके। हालांकि, तकनीकी कठिनाइयों के कारण कार्य में कई बार देरी होती रही।
इन बाधाओं को पार करते हुए अब यह फ्लाईओवर वाहनों के लिए पूरी तरह खुल चुका है। अधिकारियों का कहना है कि यह पुल रेलवे क्रॉसिंग पर गुजरने वाले यात्रियों के लिए यात्राओं को सहज और तेज़ बनाएगा, जहां पहले लंबी ट्रैफिक जाम अक्सर देखने को मिलती थी।
उद्घाटन समारोह में मेयर अजीव पाटिल, सांसद हेमंत सावरा, विधायक राजन नायक, स्नेहा दुबे-पंडित, राजेंद्र गावित, जिला कलेक्टर इंदुरानी जाखड़ और नगर आयुक्त पृथ्वीराज बी. पी. सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया।
गणेश नायक ने इस अवसर पर कहा कि परियोजना में हुई देरी के कारण जनता को हुई असुविधा के लिए वे क्षमा चाहते हैं। उन्होंने बताया कि तकनीकी समस्याओं के कारण कार्य धीमा रहा, लेकिन अब फ्लाईओवर खुलने से प्रतिदिन यात्रा करने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।
अधिकारियों के अनुसार, नया फ्लाईओवर विरार ईस्ट और वेस्ट के बीच यात्रा के समय को कम से कम 30 मिनट तक बचाएगा। इसके अलावा, यह परियोजना ईंधन की खपत में कमी लाने के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक और वाणिज्यिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करेगी।
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