• Mon. May 11th, 2026

वासई-भायंदर डबल डेक ब्रिज प्रस्ताव वर्षों की देरी के बाद आगे बढ़ा; यात्रा समय 10 मिनट तक घटाने का लक्ष्य

Vasai-Bhayandar Double Deck Bridge Proposal Moves Ahead After Years of Delay; To Cut Travel Time to 10 Minutes

वासई-भायंदर में डबल डेक ब्रिज योजना पर जारी है काम, यात्रियों के लिए होगा बड़ा सुधार

मुंबई महानगर विकास प्राधिकरण (MMRDA) द्वारा राज्य शहरी विकास विभाग को सोमवार, 4 मई को प्रस्तुत परियोजना संशोधन प्रस्ताव ने वासई-भायंदर क्षेत्र में डबल डेक पुल निर्माण की दिशा में नई उम्मीदें जगी हैं। इस प्रस्ताव में पुल के निचले हिस्से पर मेट्रो लाइन 13 का संचालन और ऊपरी हिस्से पर सड़क यातायात की योजना शामिल है।

यह परियोजना लगभग 2,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से सम्पन्न होगी, जो वासई-विरार क्षेत्र के लगभग 18 लाख निवासियों के लिए यातायात में महत्वपूर्ण सुधार लाने का दावा करती है। वर्तमान में इस क्षेत्र के लोग 39 किलोमीटर लंबी भीड़भाड़ वाली सड़क यात्रा पर निर्भर हैं, जिसे यह पुल लगभग 10 मिनट तक घटा देगा।

इस पुल का पहला प्रारंभिक प्रस्ताव वर्ष 2000 में तैयार किया गया था, और 2013 में राज्य सरकार ने इसे मंजूरी भी दी थी। इसके बाद टेंडर निकाले जाने की उम्मीद थी, परंतु सदैव से यह परियोजना अटकी हुई है और चारों ओर मंजूरी से संबंधित जटिलताएं बनी हुई हैं।

महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड, इन्लैंड वाटरवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया, और महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी से आवश्यक मंजूरी प्राप्त हो चुकी है, जबकि राज्य वनों विभाग और सॉल्ट कमिश्नर की अनुमति अभी शेष है। परियोजना के लिए मैंग्रोव भूमि और सॉल्ट पैन भूमि अधिग्रहित करनी आवश्यक है।

हाल ही में आयोजित एक बैठक में MMRDA के अधिकारियों सहित राज्य राजस्व सचिव, कोंकण विभागीय आयुक्त, और पालघर जिला कलेक्टर भी शामिल थे, जिनमें इस परियोजना की प्रगति तथा लंबित समस्याओं पर चर्चा हुई।

मांग के अनुसार, सॉल्ट पैन भूमि के लिए उचित मुआवजा salt producers को प्रदान करना आवश्यक है। इस क्षेत्र में दस परिवार, जिनमें कुल 119 सदस्य हैं, ने भूमि पर अपने वैध अधिकारों का दावा किया है और कहा है कि उनकी ये जमीन पीढ़ियों से संरक्षित है।

वर्तमान में वासई और भायंदर के बीच यात्रा NH-48 मार्ग से, छत्रपति शिवाजी महाराज मार्ग, कशीमिरा, और मीरा-भायंदर होते हुए की जाती हैं, जो लगभग 90 मिनट में पूरी होती है।

यह डबल डेक ब्रिज बन जाने के बाद इस दूरी को लगभग पांच किलोमीटर तक घटा कर मात्र 10 मिनट की यात्रा समय संभव होगी, जिससे न केवल यातायात होंगे आसान होगा, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गति को भी बढ़ावा मिलेगा।

Source

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)