विपक्ष का प्रधानमंत्री के संयम आह्वान पर तीखा प्रहार, शेयर बाजार में महत्वपूर्ण गिरावट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन की खपत घटाने, सोना खरीदने से बचने और अन्य कड़े कदम अपनाने की अपील को विपक्ष ने देश की आर्थिक कमजोर स्थिति का प्रमाण बताया है। इस आह्वान के तुरंत बाद भारतीय शेयर बाजार में बड़े पैमाने पर गिरावट देखने को मिली।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह अप्रत्याशित अपील इस बात का संकेत है कि देश की आर्थिक स्थिति सरकारी आंकड़ों से कहीं अधिक गंभीर है। उन्होंने पश्चिम एशिया के संघर्ष के मद्देनजर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं से निपटने के लिए जनता को संयम बरकरार रखने की जरूरत पर बल दिया।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव प्रचार खत्म होने के तुरंत बाद ईंधन उपयोग और यात्रा पर पाबंदियों की चर्चा पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं द्वारा आयोजित चार्टर फ्लाइट और रैलियों में ईंधन का उपयोग नहीं हुआ था।
शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस परिस्थिति को नीति संबंधी विफलता बताया और कहा कि पश्चिम एशिया के संघर्ष के प्रभाव से निपटने में सरकार की राह में कई कमियां सामने आई हैं।
इस बीच, बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों और शंकाओं के कारण इंडियन शेयर बाजार में लगभग 1.5% की गिरावट आई है। प्रमुख सेंसेक्स 1,300 अंक से अधिक नीचे गया है, जो आर्थिक दबाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
इन चुनौतियों के बीच, विशेषज्ञों का मानना है कि संयम और पारदर्शिता के साथ ही प्रभावी नीतिगत बदलाव आवश्यक हैं ताकि देश वैश्विक आर्थिक झटकों से सुरक्षित रह सके।
देश और वैश्विक संदर्भ में इस आर्थिक स्थिति का गहन अध्ययन और समझ आने वाले समय में नीतिगत सुधारों का मार्ग प्रशस्त करेगा।
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