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जामिया मिलिया इस्लामिया ने एनसीपीयूएल के साथ प्रेमचंद पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया

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May 12, 2026 #source
JMI holds national seminar on Premchand with NCPUL

प्रेमचंद का साहित्य: नए संदर्भ और वर्तमान महत्व पर राष्ट्रीय संगोष्ठी

जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रेमचंद अभिलेखागार ने राष्ट्रीय निर्देशालय للنصوص और प्रचार साहित्य (एनसीपीयूएल) के सहयोग से “प्रेमचंद का साहित्य: नए तंज़ुर में” नामक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। इस आयोजन में साहित्यिक विद्वानों ने प्रेमचंद की कहानी और उपन्यास विधा में महत्वपूर्ण भूमिका एवं उनके सामाजिक योगदान पर चर्चा की।

विद्वानों ने प्रेमचंद की रचनाओं की आज के सामाजिक परिवेश में प्रासंगिकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने आधुनिक दृष्टिकोण से प्रेमचंद के साहित्य को समझने तथा उसके सामाजिक और मानवीय संवेदनाओं को नयाँ संदर्भों में प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया। यह संगोष्ठी प्रेमचंद की सामाजिक बदलाव में निभाई भूमिका और उनकी रचनाओं की मानवीय प्रवृत्तियों को उजागर करती है।

प्रेमचंद की कहानियां सामाजिक अन्याय, गरीबी और मानवीय संवेदनशीलता के प्रतीक के रूप में जानी जाती हैं। इस कार्यक्रम में यह तथ्य कई विद्वानों द्वारा प्रस्तुत किया गया कि उनके साहित्य ने भारतीय समाज में सामाजिक जागरूकता और परिवर्तन के लिए एक नई दिशा प्रदान की।

इस संगोष्ठी ने साहित्य और समाज के बीच संबंधों को पुनः स्थापित करते हुए प्रेमचंद के काम को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में देखने का अवसर दिया। इससे युवा विद्वान, लेखक तथा शोधकर्ता निरंतर प्रेरित होंगे कि वे उनकी विरासत को समकालीन दुनिया के संदर्भ में विस्तार से समझें और आगे बढ़ाएं।

इसमें हिस्सा लेने वाले विशेषज्ञों ने प्राचीन साहित्य को सामाजिक संदेश और आज की आवश्यकताओं के अनुरूप संवादात्मक रूप में प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस प्रकार, यह आयोजन हिंदी साहित्य और सांस्कृतिक अध्ययन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)