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नोएडा: मौसम बदलने के साथ ही डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर सतर्क

ByAnkshree

May 15, 2026 #dengue, #malaria, #NCR, #Noida
जिले में मौसम बदलने के साथ ही डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर सतर्क हो गया है। हर साल बारिश और उमस के दौरान मच्छरों की संख्या बढ़ते ही डेंगू के मामले सामने आने लगते हैं। 16 मई यानी आज डेंगू दिवस मनाया जा रहा है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अभी से निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है। विभाग की ओर से लगातार सर्विलांस, फॉगिंग, लार्वा जांच और लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

पिछले साल मिले 658 मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में जनवरी से दिसंबर तक जिले में करीब 2.5 लाख लोगों की डेंगू की जांच की गई। इनमें 658 मरीज पॉजिटिव पाए गए। वहीं इस वर्ष जनवरी से अब तक तीन मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि अभी संख्या कम है, लेकिन विभाग इसे लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी बढ़ने और बरसात शुरू होने के बाद मामलों में तेजी आ सकती है।

पिछले वर्ष जिले में नौ डेंगू हॉटस्पॉट चिह्नित
जिला मलेरिया अधिकारी श्रुतिकीर्ति वर्मा ने बताया, पिछले वर्ष जिले में नौ डेंगू हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए थे। फिलहाल इस साल भी यही क्षेत्र संवेदनशील माने जा रहे हैं। इनमें बरौला, भंगेल, सदरपुर, कासना, सूरजपुर, छलेरा, सलारपुर, किशोरपुर और जारचा गांव शामिल हैं। इन इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम (आरआरटी) लगातार दौरा कर रही है।

उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में घर-घर जाकर मच्छरों के लार्वा की जांच की जा रही है। जिन घरों या आसपास के इलाकों में पानी जमा मिलता है, वहां तुरंत कार्रवाई की जाती है। साफ-सफाई बनाए रखने, कूलर और पानी की टंकियों को नियमित साफ करने तथा खुले में पानी जमा नहीं होने देने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। विभाग की टीम लोगों को यह भी समझा रही है कि डेंगू के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह लें। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले के दो गांव सबसे अधिक संवेदनशील श्रेणी में हैं, जबकि बाकी हॉटस्पॉट शहरी क्षेत्र के सेक्टर और ब्लॉकों में आते हैं। यहां आबादी घनी होने और निर्माण कार्य अधिक होने के कारण पानी जमा होने की समस्या रहती है, जिससे मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
हर सरकारी अस्पतालों में सतर्कता

अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है। सरकारी अस्पतालों में डेंगू जांच और इलाज की व्यवस्था को मजबूत किया गया है। मरीजों के लिए बेड आरक्षित रखने के साथ डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि समय पर जांच और इलाज से डेंगू के गंभीर मामलों को रोका जा सकता है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )