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नोएडा: यूपीआई के जरिए रकम ट्रांसफर कराने वाले अर्टिगा गैंग का पुलिस ने खुलासा किया 

कार में लिफ्ट देने के बाद सवारियों से मारपीट कर लूटपाट और यूपीआई के जरिए रकम ट्रांसफर कराने वाले अर्टिगा गैंग का पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस ने शुक्रवार को सरगना समेत पांच बदमाशों को स्टेलर ग्रीन पार्क से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल होने वाली अर्टिगा कार, तमंचा और चाकू बरामद हुआ है।

एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश कार में लिफ्ट देने के बहाने लोगों को बैठा लेते थे और मारपीट कर रकम ट्रांसफर करा लेते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नसीम अली, अभिषेक कुमार, विवेक, कार्तिक ठाकुर और मनोज कुमार के रूप में हुई है। नसीम अली मूल रूप से एटा जिले का रहने वाला है और फिलहाल हल्दौनी में किराये पर रहता है। अभिषेक कुमार बिहार के नालंदा जिले का निवासी है और छिजारसी इलाके में रह रहा था। विवेक समस्तीपुर बिहार का रहने वाला है, जबकि कार्तिक ठाकुर और मनोज कुमार नोएडा के छिजारसी क्षेत्र में रह रहे हैं।

आरोपियों की उम्र 18 से 23 वर्ष के बीच बताई गई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एनसीआर क्षेत्र में घूमकर ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जिन्हें रात के समय वाहन की जरूरत होती थी। आरोपी अपनी अर्टिगा कार में लोगों को लिफ्ट देने के बहाने बैठा लेते थे। कुछ दूर ले जाने के बाद वे यात्रियों को अवैध हथियार दिखाकर डराते-धमकाते थे और उनसे मोबाइल फोन के जरिए यूपीआई ट्रांसफर कराते थे। कई बार ये बदमाश डेबिट कार्ड से एटीएम में जाकर रकम भी निकालते थे। विरोध करने पर मारपीट करते थे। घटना के बाद पीडि़तों को सुनसान स्थान पर छोड़ देते थे। बदमाशों ने कई लोगों को इसी तरीके से अपना शिकार बनाया था। पुलिस को लगातार ऐसी घटनाओं की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस टीम ने इस गिरोह के बदमाशों को दबोच लिया। आरोपी फर्जी नंबर प्लेट लगाकर पुलिस की नजर से बचने की कोशिश करते थे, ताकि वारदात के बाद उनकी पहचान न हो सके। कार के अंदर पुलिस को दो फर्जी नंबर प्लेट भी मिली है।

नौकरी के लिए आए थे करने लगे लूट :
कोतवाली प्रभारी डीपी शुक्ला ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अलग-अलग राज्यों के हैं और सभी लोग नौकरी करने के लिए नोएडा आए थे। शुरू में इन लोगों ने अलग अलग स्थानों पर नौकरी की लेकिन अधिक खर्चे करने के कारण सैलरी से काम नहीं चला। इसके बाद आरोपियों ने धीरे धीरे क्राइम की घटनाएं करना शुरू कर दिया। मुख्य आरोपी नसीम अली पर आर्म्स एक्ट समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं मनोज कुमार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत भी केस दर्ज हैं।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )