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दीपिका हत्याकांड: आखिर मार क्यों डाला? क्या इसके पीछे राजनीतिक षड्यंत्र

ग्रेटर नोएडा में दीपिका की मौत के मामले में पिता संजय नागर ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पोस्टमार्टम में करीब 15 चोटों का उल्लेख है। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या के बाद दीपिका को नीचे फेंका गया। संजय नागर ने कहा, आरोपियों को अगर उनकी बेटी को नहीं रखना था तो बता देते, मैं उसे ले आता। उसकी हत्या नहीं करनी चाहिए थी।

कूड़ी खेड़ा गांव की बेटी दीपिका नागर की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में परिजनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो वे जनप्रतिनिधियों से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक गुहार लगाएंगे। साथ ही चेतावनी दी कि आरोपियों के खिलाफ आंदोलन करने को भी मजबूर होंगे। घटना के बाद से गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग लगातार पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।

संजय नागर ने बताया कि बेटी की शादी 11 दिसंबर 2024 को हुई थी और शादी में एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए थे। उनका आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से प्रताड़ना शुरू हो गई थी, हालांकि पहले मामले को परिवार के स्तर पर सुलझाने की कोशिश की जाती रही। 

उन्होंने कहा कि घटना से करीब एक घंटे पहले वह ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गांव स्थित ससुराल से बेटी को समझाकर अपने घर लौटे थे। इसके कुछ देर बाद उन्हें दीपिका के छत से गिरने की सूचना मिली। अस्पताल पहुंचने पर बेटी की मौत हो चुकी थी।

बहन सारिका नागर ने बताया कि घटना वाली रात करीब 11 बजे उनकी दीपिका से बात हुई थी। बातचीत के दौरान उसने खुद को काफी परेशान बताया था। सारिका ने उसे समझाने की कोशिश की थी, लेकिन अगले ही कुछ घंटों में दुखद खबर आ गई।

उनका आरोप है कि दीपिका को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जाता था। परिवार का कहना है कि आरोपी पक्ष की ओर से फॉर्च्यूनर कार की मांग की जाती थी और शादी में दिए गए दहेज को लेकर ताने भी मारे जाते थे। इस मामले में पुलिस से पूर्व में कोई शिकायत नहीं की गई थी

दीपिका के पिता संजय नागर ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पोस्टमार्टम में करीब 15 चोटों का उल्लेख है। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या के बाद दीपिका को नीचे फेंका गया। उन्होंने कहा कि पास में अस्पताल होने के बावजूद उसे करीब 20 किलोमीटर दूर ले जाया गया, जिससे इलाज में देरी हुई। अगर बेटी को पास के अस्पताल ले जाया गया होता तो उसकी जान बच सकती थी

संजय नागर ने कहा, आरोपियों को अगर उनकी बेटी को नहीं रखना था तो बता देते, मैं उसे ले आता। उसकी हत्या नहीं करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि जिन आरोपियों के नाम एफआईआर में लिखे गए हैं सभी दीपिका की मौत के जिम्मेदार हैं

दीपिका नागर की कथित दहेज हत्या के मामले में फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। घटना के बाद से दीपिका की सास, दो ननद और दो चचिया ससुर गिरफ्तारी के डर से घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन भी बंद कर रखे हैं, जिससे पुलिस को उनकी तलाश में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

पिता संजय नागर ने दीपिका के पति ऋतिक, ससुर मनोज, सास पूनम, ननद नेहा और तन्नी व चचिया ससुर प्रमोद और विनोद के खिलाफ ईकोटेक-3 कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस अब तक पति और ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं अन्य आरोपी घटना के बाद से जलपुरा स्थित घर में ताला लगाकर फरार हैं।

पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें बादलपुर और ईकोटेक-3 क्षेत्र के कई गांवों में रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से भी आरोपियों की तलाश कर रही है। 

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )