अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद का अंत: मनन मिश्रा की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनन कुमार मिश्रा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भारत को नक्सल-मुक्त घोषित किए जाने को एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कांग्रेस पर नक्सलवाद को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया और इसके प्रभावों का संक्षिप्त इतिहास प्रस्तुत किया।
मनन मिश्रा ने कहा कि नक्सलवाद देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा था, जो विशेषकर छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के आदिवासी क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा था। इन क्षेत्रों का विकास ठप हो गया था और सामाजिक अस्थिरता बढ़ रही थी। कांग्रेस सरकारों को उन्होंने इस समस्या को गम्भीरता से न लेने और नक्सलियों को प्रोत्साहित करने का दोषी ठहराया।
उन्होंने बताया कि अमित शाह के सशक्त नेतृत्व में नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास योजनाएं लागू की गईं, जिससे स्थानीय लोग मुख्यधारा से जुड़ने लगे हैं। शिक्षा, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है और क्षेत्र में शांति प्रक्रिया सफल रही है। मिश्रा ने इसे सिर्फ एक सुरक्षा उपलब्धि न मानते हुए बताया कि यह आदिवासी और पिछड़े वर्ग के समाज के व्यापक विकास की दिशा में भी बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा, “नक्सलवाद का आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा पर गंभीर असर था। आज स्थिति पूरी तरह बदल गई है, जिसमें बस्तर जैसे पूर्व नक्सल गढ़ों में भी विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। अमित शाह ने केवल नक्सल मुक्त भारत की घोषणा ही नहीं की बल्कि 2031 तक बस्तर को पूरी तरह विकसित क्षेत्र बनाने का लक्ष्य रखा है।”
इसके अतिरिक्त, सांसद मनन कुमार मिश्रा ने देश में वर्तमान ईंधन संकट पर भी टिप्पणी की और बताया कि यह एक वैश्विक समस्या है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार इस चुनौती से निपटने में वैश्विक स्तर पर अन्य नेताओं से अधिक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।