• Sat. May 23rd, 2026

ग्रेटर नोएडा: सीईओ के आदेश पर सेक्टरों में कॉमर्शियल का अनुपात होगा कम

आवासीय और औद्योगिक सेक्टरों में नियोजित कॉमर्शियल भूखंड पर अब स्कूल, कालेज और अस्पताल खोले जाएंगे। ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने नियोजन विभाग को ऐसे कॉमर्शियल भूखंड चिह्नित करने के कहा है जिससे बिना मांग वाले भूखंडों के भूउपयोग बदलने की कार्रवाई शुरू हो सके।
सीईओ के मुताबिक आवासीय और औद्योगिक सेक्टरों में बड़ी संख्या में कॉमर्शियल भूखंड नियोजित किए गए हैं। इनमें से अधिकांश जगह इनकी जरूरत ही नहीं है। औद्योगिक सेक्टरों में विशेष रूप से कॉमर्शियल भूखंड जिन पर शॉपिंग मॉल या हाईस्ट्रीट मार्केट कांप्लेक्स बनाए जाने हैं। उनकी मांग नहीं है। ऐसे भूखंडों पर अस्पताल या फिर औद्योगिक भूखंड ही विकसित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि आवासीय सेक्टरों में भी दो से तीन तरफ में कॉमर्शियल भूखंड नियोजित कर दिए गए। हर आवासीय सेक्टर के बाहर और कुछ जगह अंदर भी ऐसे कॉमर्शियल भूखंड की आवश्यकता सीमित है। यहां स्कूल-कालेज और अस्पताल जैसे भू-उपयोग की मांग बनी रहती है।
अधिकारियों का कहना है कि कॉमर्शियल भूखंड को संस्थागत, नर्सिंग होम या उद्योग के भू-उपयोग में बदलना आसान नहीं होगा। इसके लिए प्रदेश सरकार से मंजूरी जरूरी होगी। कैबिनेट में इसके लिए अनुमोदन के लिए प्रस्ताव भेजना होगा। इसकी वजह यह है कि कॉमर्शियल भूखंड की दरें, प्रस्तावित भू-उपयोग से दो से चार गुना तक अधिक होती हैं। ऐसे में प्राधिकरण को राजस्व का नुकसान होने की संभावना बनी रहेगी। इसका रास्ता भी प्राधिकरण को निकालना होगा।

कॉमर्शियल भूखंड पर डाला जा रहा कूड़ा-कचरा
आवासीय और औद्योगिक सेक्टरों में अभी कई भूखंड खाली पड़े हुए हैं। इनका आवंटन नहीं होने की वजह से खाली जमीन देखकर यहां कूड़ा-कचरा गिराना शुरू कर दिया जाता है। मुख्य सड़क के किनारे होने की वजह से इससे शहर की छवि भी खराब होती है। इन भूखंड को साफ और सुरक्षित रखना भी प्राधिकरण के लिए एक चुनौती होती है

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )