पीएम मोदी ने सार्थक-पीडीएस योजना से हर जरूरतमंद तक खाद्यान्न पहुँचाने का बड़ा संकल्प दोहराया
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को आधुनिक, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के माध्यम से बताया कि देश के हर जरूरतमंद तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री ने कहा, “देश के हर जरूरतमंद तक पीडीएस के माध्यम से समय पर खाद्यान्न पहुंचाना हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। इसी दिशा में सार्थक-पीडीएस को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाकर पांच वर्ष और जारी रखने का निर्णय लिया गया है।” इस पहल से वितरण का तंत्र, लॉजिस्टिक्स एवं शिकायत निवारण प्रणाली बेहतर और तेज़ होंगे। कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (सीसीईए) ने इस योजना को पांच वर्षों के लिए 25,530 करोड़ रुपए के बजट के साथ मंजूरी दी है। यह राशि केंद्र सरकार द्वारा 16वें वित्त आयोग की अवधि के दौरान खर्च की जाएगी। सार्थक-पीडीएस योजना में दो पुरानी योजनाएँ एकीकृत की गई हैं: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के अंतर्गत राज्यों के खाद्यान्न परिवहन एवं फेयर प्राइस शॉप डीलरों के लिए सहायता, तथा स्मार्ट पीडीएस योजना। इस संयोजन का उद्देश्य खाद्यान्न वितरण को बेहतर, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाना है। यह योजना 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी और इसके अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (एनएलपी) व ब्लॉकचेन जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे रियल टाइम मॉनिटरिंग, एआई आधारित शिकायत निवारण, स्टेट कमांड कंट्रोल सेंटर एवं एकीकृत डेटाबेस का निर्माण होगा। साथ ही, आईएसओ प्रमाणित प्रक्रियाओं द्वारा सिस्टम की सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने इस योजना को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले 81.35 करोड़ लाभार्थियों तक बेहतर और तेज खाद्यान्न वितरण के लिए संवैधानिक एवं सामाजिक दायित्व बताया है। पिछले दस वर्षों में सरकार ने पीडीएस को डिजिटल बनाने के कई कदम उठाए हैं, जिनमें टीपीडीएस का कंप्यूटरीकरण, आईएम-पीडीएस, स्मार्ट पीडीएस तथा मोबाइल एप्लिकेशन जैसे ‘मेरा राशन’, ‘अन्न मित्र’ एवं ‘राइटफुल टार्गेटिंग डैशबोर्ड’ शामिल हैं। यह तकनीकी प्रयास वितरण प्रणाली की दक्षता को बढ़ाने हेतु किए गए हैं। 1 अप्रैल 2023 से स्मार्ट पीडीएस योजना देश के सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में लागू है, जिसमें राशन कार्डों का डिजिटलीकरण, आधार लिंकिंग, ई-पीओएस मशीनों के माध्यम से फेयर प्राइस शॉप का ऑटोमेशन, ऑनलाइन राशन आवंटन और कंप्यूटरीकृत सप्लाई चेन प्रबंधन जैसे सुधार शामिल हैं। ये सभी कदम खाद्यान्न वितरण प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए उठाए गए हैं।हर जरूरतमंद तक राशन: पीएम मोदी ने किया बड़ा ऐलान
- सार्थक-पीडीएस योजना: अगले 5 साल तक जारी, 25,530 करोड़ का खर्च
- तकनीक से बदलेगा राशन सिस्टम: एआई, ब्लॉकचेन और रियल टाइम मॉनिटरिंग
- 81 करोड़ लोगों को फायदा: खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बेहतर डिलीवरी
- पारदर्शी और आधुनिक पीडीएस: शिकायत निवारण होगा तेज, सिस्टम बनेगा सुरक्षित

